अनूपपुर, 25 जून (हि.स.)। आपातकाल की 46वीं बरसी पर शुक्रवार को पसान नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 13 के मीसाबंदी श्रमिक नेता कॉमरेड स्व. मदन मोहन सिंह की पत्नी गंगा जली देवी सिंह का साल श्रीफल से सम्मानित किया गया। आपातकाल के मीसाबंदी श्रमिक नेता स्व. मदन मोहन सिंह मीसाबंदियों में से थे, जिन्होंने पूरे लगभग 19 महीने सेंट्रल जेल रीवा में अपने साथियों के साथ सलाखों में गुजारे और तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार के संविधान और लोकतंत्र विरोधी कारनामों का विरोध किया लेकिन ना हार मानी और ना माफी मांगी। 24 जून 1975 की काली रात जिसने सुबह होने का इंतजार नहीं किया 25 जून को एक साथ पूरे देश में राजनेता, कलमकार, समाजसेवी , श्रमिक संगठनों सहित लोकतंत्र के हिमायतियों को हिरासत में ले लिया गया जो जिस हालत में थे उसी हालत में उन्हें जेल में ठूँस दिया गया था। वर्ष 1975 के दौर में जब यहां एसीसी कंपनी कोयला का उत्पादन कर रही थी तब मदन मोहन सिंह यहां के सबसे बड़े श्रमिक संगठन के नेता थे जो सदैव श्रमिकों के हितों के लिए लड़ाई लड़ते रहे और इसी लड़ाई में 7 फरवरी 1976 में श्रमिकों की आवाज बुलंद करने वाले मदन मोहन सिंह की हत्या करा दी गई थी। आज 25 जून को आपातकाल की 46वीं बरसी पर पसान वरिष्ठ भाजपा नेता सुखविंदर सिंह, लक्ष्मी श्रीवास्तव, मिगेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, सुरेश शर्मा स्व.मदन मोहन सिंह के घर पहुंचकर उनकी पत्नी गंगा जली देवी सिंह को शाल श्रीफल से सम्मानित किया। इस दौरान उनके पुत्र सुनील सिंह एवं घर के सदस्य उपस्थित रहे। ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश सरकार ने 26 जनवरी 2018 को मीसाबंदी सेनानियों को ताम्रपत्र से सम्मानित किया गया था। हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला




