नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब करैरा से बीजेपी विधायक रमेश खटीक के भाई भागचंद खटीक की पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। मामला बिना हेलमेट बाइक चलाने पर रोके जाने से शुरू हुआ और कुछ ही देर में बहस, धक्का-मुक्की की कोशिश और खुलेआम धमकियों तक पहुंच गया।
वाहन चेकिंग के दौरान रोकी गई बाइक
जानकारी के मुताबिक, नरवर थाने के बाहर पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान भागचंद खटीक बाइक से वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। नियम के तहत पुलिस ने उनकी बाइक रोक ली और जांच शुरू की। चेकिंग के दौरान एक पुलिसकर्मी ने बाइक की चाबी निकाल ली। बस यहीं से विवाद ने तूल पकड़ लिया।
पुलिसकर्मी का पलटवार, कहा-मैं किसी का नौकर नहीं
विधायक के भाई की बातों से पुलिसकर्मी भी नाराज हो गया। उसने साफ शब्दों में जवाब दिया, मैं किसी का नौकर नहीं हूं, जनता का नौकर हूं। वर्दी यहीं उतार दूं क्या? फांसी लगा दो, फिर भी गाड़ी घर नहीं ले जाऊंगा।” इस जवाब के बाद दोनों पक्षों में बहस और तेज हो गई। बहस के दौरान आरोप है कि विधायक के भाई ने एक पुलिसकर्मी को धक्का देने की कोशिश भी की। करीब 10 मिनट तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब मामला बिगड़ता दिखा तो एक पुलिसकर्मी ने बाइक की चाबी थाना परिसर में फेंक दी, जिससे विवाद और बढ़ गया। इस पर दोनों तरफ से तीखी बहस हुई।
कटा चालान, मामला शांत
काफी देर बाद स्थिति शांत हुई। भागचंद खटीक चालान कटवाने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने बाद में कहा कि उनके मोबाइल पर ऑनलाइन चालान का मैसेज भी आ गया है। इस पूरे घटनाक्रम में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और न ही किसी को गंभीर चोट आई। थाना प्रभारी विनय यादव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वाहन चेकिंग के दौरान बिना हेलमेट बाइक चलाने पर विधायक के भाई की बाइक रोकी गई थी और नियम के अनुसार चालान किया गया है। इस घटना के बाद जहां एक ओर सत्ता के रसूख का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस द्वारा बाइक की चाबी निकालकर फेंकने के तरीके पर भी सवाल उठ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।





