back to top
24.1 C
New Delhi
Saturday, March 14, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

इंदौर के MY अस्पताल में शर्मनाक लापरवाही, नर्स ने डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा काटा, सर्जरी से जोड़ा गया

इंदौर के MY अस्पताल में नर्स की लापरवाही से डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कट गया, बाद में प्लास्टिक सर्जनों ने सफलतापूर्वक जोड़ा।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इंदौर के एमवाय अस्पताल में एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डेढ़ माह के मासूम बच्चे का अंगूठा नर्स की चूक के कारण कट गया, जब वह बच्चे के हाथ में लगाए गए टेप को कैंची से हटाने की प्रक्रिया में लापरवाही बरत रही थी। घटना चेस्ट वार्ड में हुई, जहां बच्चा निमोनिया के इलाज के लिए भर्ती था। नर्स की यह गलती इतनी गंभीर थी कि वार्ड में चीख-पुकार मच गई और अन्य मरीजों के परिजन भी हड़कंप मचते देख सकते थे।

नर्स ने काम में गंभीर लापरवाही की

परिजन ने तुरंत अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया कि नर्स ने काम में गंभीर लापरवाही की, जिससे मासूम को शारीरिक और मानसिक चोट दोनों लगी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नर्स को सस्पेंड कर दिया। साथ ही तीन नर्सिंग इंचार्ज का वेतन रोकने की भी कार्रवाई की गई, ताकि प्रशासन यह संदेश दे सके कि इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

घटना के तुरंत बाद मासूम को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में रेफर किया गया

घटना के तुरंत बाद मासूम को इंदौर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां प्लास्टिक सर्जन की टीम ने आपातकालीन ऑपरेशन कर कटे हुए अंगूठे को सफलतापूर्वक जोड़ा। ऑपरेशन सफल रहा और अब बच्चे की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि बच्चा फिलहाल निगरानी में रखा गया है और चिकित्सकीय देखभाल जारी रहेगी।

MY अस्पताल की विश्वसनीयता पर एक और सवालिया निशान

यह घटना एमवाय अस्पताल की विश्वसनीयता पर एक और सवालिया निशान लगाती है। अस्पताल पहले भी सुर्खियों में रहा है, जब नर्सरी वार्ड में नवजात बच्चों को चूहों द्वारा कुतरे जाने की घटना ने पूरे देश में विवाद खड़ा किया था। उस समय अस्पताल की सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर भारी आलोचना हुई थी। अब डेढ़ माह के मासूम के अंगूठे के कटने की घटना ने यह साबित कर दिया है कि अस्पताल में मरीजों, विशेषकर नवजात और छोटे बच्चों की सुरक्षा, अब भी गंभीर चिंता का विषय है।

कर्मचारियों की प्रशिक्षण की कमी, अत्यधिक काम का दबाव

विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल में इस प्रकार की लापरवाही कई कारणों से होती है कर्मचारियों की प्रशिक्षण की कमी, अत्यधिक काम का दबाव, निगरानी का अभाव और सुरक्षा मानकों का पालन न होना। ये सभी कारण मिलकर गंभीर दुर्घटनाओं को जन्म देते हैं, जिसमें मासूम बच्चे और उनके परिवार सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इस मामले में नर्स की लापरवाही ने केवल शारीरिक चोट ही नहीं दी, बल्कि परिवार के मानसिक संतुलन को भी हिला दिया।

अस्पताल की प्रशासनिक टीम अब इस मामले की गहन जांच कर रही है

हादसे के बाद प्रशासन ने न केवल नर्स को सस्पेंड किया, बल्कि तीन नर्सिंग इंचार्ज का वेतन रोकने जैसी कड़ी कार्रवाई भी की, जिससे भविष्य में कर्मचारियों में सतर्कता बढ़े। साथ ही प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि मासूम को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाए। अस्पताल की प्रशासनिक टीम अब इस मामले की गहन जांच कर रही है और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा और निगरानी मानकों को लागू करने पर विचार कर रही है।

मरीजों की सुरक्षा और देखभाल भगवान भरोसे छोड़ी जा रही है

एमवाय अस्पताल की यह लगातार लापरवाही दर्शाती है कि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और देखभाल भगवान भरोसे छोड़ी जा रही है। अस्पताल प्रशासन को चाहिए कि वह कर्मचारियों के प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों का पालन और मॉनिटरिंग प्रक्रिया को मजबूत करे। नवजात और छोटे बच्चों के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही उनके जीवन के लिए खतरा बन सकती है।

MY अस्पताल की इस घटना ने चेतावनी का काम किया है

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि मरीजों और उनके परिवारों के लिए अस्पताल केवल उपचार का स्थान नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा और भरोसे का पर्याय होना चाहिए। प्रशासन और चिकित्सकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे हर मरीज, विशेषकर नवजात और छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें। एमवाय अस्पताल की इस घटना ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए चेतावनी का काम किया है कि सतर्कता, प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों के बिना अस्पतालों में यह प्रकार की घटनाएं भविष्य में दोहराई जा सकती हैं।

प्रशासन की तत्काल कार्रवाई

कुल मिलाकर, इंदौर के एमवाय अस्पताल में हुई यह घटना गंभीर लापरवाही और सुरक्षा के अभाव को उजागर करती है। डेढ़ माह के मासूम का अंगूठा कटने और प्लास्टिक सर्जरी द्वारा उसे जोड़े जाने की घटना ने साबित किया है कि अस्पताल में मरीजों, विशेषकर छोटे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हैं। प्रशासन की तत्काल कार्रवाई नर्स का सस्पेंड होना और नर्सिंग इंचार्ज का वेतन रोकना एक जरूरी कदम था, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय लागू करना बेहद आवश्यक है।

Advertisementspot_img

Also Read:

इंदौर की ‘धाकड़’ महिला ने महापौर के सामने खोल दी नगर निगम की पोल

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इंदौर की जनता चौपाल में वार्ड 84 की टीना गौड़ ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को सवालों की ऐसी झड़ी लगा दी...
spot_img

Latest Stories

दिल्ली-NCR में तपती गर्मी पर लग सकता है ब्रेक, 15 मार्च को हल्की बारिश के आसार

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। राजधानी Delhi और आसपास के NCR...

Aamir Khan Birthday: एक्टर की वो फिल्में जिनको देख दर्शक हो गए हैरान, जानिए लिस्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आमिर खान ने अब तक...

चेहरे में जमी Tanning की हो जाएगी छुट्टी, बस अपनाएं यह ट्रिक

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। आज के समय में देखा...

Vastu Tips: घर और बिजनेस में तरक्की के लिए करें ये वास्तु उपाय, दूर होगी कंगाली

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। जीवन में सुख समृद्धि और...