Guna Bus Accident: मुख्यमंत्री मोहन यादव की बड़ी कार्रवाई, आरटीओ-सीएमओ निलंबित, कलेक्टर-एसपी पर भी गिरी गाज

Guna Bus Accident: CM डॉ. मोहन यादव ने गुना बस हादसे मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के परिवहन आयुक्त, गुना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत जिले के अन्य दो बड़े अधिकारियों पर गाज गिराई है।
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भोपाल, (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना बस हादसे मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के परिवहन आयुक्त, गुना कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत जिले के अन्य दो बड़े अधिकारियों पर गाज गिराई है। गुना कलेक्टर तरुण राठी का भोपाल तबादला कर दिया है, जबकि एसपी विजय कुमार खत्री को भी हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल भेज दिया गया है। इसके अलावा, संजय कुमार झा को परिवहन आयुक्त के पद से हटा दिया है। साथ ही जिले के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) रवि बरेलिया और नगर पालिका गुना के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) बीडी कतरोलिया को निलंबित कर दिया गया है।

प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह को उक्त प्रभार से मुक्त किया गया

सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार देर शाम आदेश जारी करते हुए गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश कुमार राजौरा को परिवहन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह को उक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। वहीं राज्य शासन ने विशेष पुलिस महानिदेशक और परिवहन आयुक्त संजय कुमार झा को परिवहन आयुक्त के पदभार से मुक्त करने संबंधी आदेश भी जारी कर दिया है।

कौशिक को कलेक्टर गुना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया

शासन से जारी आदेशानुसार गुना कलेक्टर तरुण राठी की नवीन पदस्थापना अपर सचिव मध्यप्रदेश शासन के पद पर की गई है। गुना जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रथम कौशिक को कलेक्टर गुना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसी प्रकार गुना पुलिस अधीक्षक विजय कुमार खत्री की नवीन पदस्थापना सहायक पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस मुख्यालय, भोपाल करते हुए जिले के वरिष्ठतम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को गुना पुलिस अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार सौंपने संबंधी आदेश जारी कर दिये गये हैं।

CM ने घायल यात्रियों से जिला चिकित्सालय में की मुलाकात

इससे पहले मुख्यमंत्री यादव ने गुना से आरोन जाते हुए बजरंगगढ़ के समीप हुई बस दुर्घटना में दिवंगत यात्रियों के परिजनों और घायल यात्रियों से जिला चिकित्सालय में मुलाकात की। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा उनके परिजनों को यह वज्रपात सहन करने कि शक्ति देने की कामना की। मुख्यमंत्री ने घायल यात्रियों के परिजनों से मुलाकात कर बस हादसे में झुलसे यात्रियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा समुचित उपचार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और घायल यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना की।

घायलों के उपचार में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन-प्रशासन घायलों के इलाज के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा। उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने जिला चिकित्सालय गुना के वार्ड में इलाज करा रहे घायलों के प्रत्येक बेड पर जाकर उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली तथा उन्हें शीघ्र स्वस्थ होने और इलाज के संबंध में आश्वासन प्रदान किया। इस दौरान क्षेत्रीय सांसद डॉ. केपी यादव, सांसद डॉ. रोडमल नागर, विधायक पन्नालाल शाक्य, धर्मेन्द्र सिंह सिकरवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बस दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बस दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये तथा गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने गुना की बस दुर्घटना मामले में लापरवाही के लिए गुना के जिला क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रवि बरेलिया और नगर पालिका गुना के मुख्य नगर पालिका अधिकारी बीडी कतरोलिया को गुना हादसे के बाद फायर बिग्रेड सेवाएं उपलब्ध न कराए जाने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश भी दिए।

तीन दिन में जांच प्रतिवेदन देगी समिति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर बस दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए अपर जिला दण्डाधिकारी मुकेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। गुना के अनुविभागीय अधिकारी दिनेश सावले, संभागीय उप परिवहन आयुक्त अरुण कुमार सिंह तथा सहायक यंत्री विद्युत सुरक्षा प्राण सिंह राय जांच समिति के सदस्य होंगे। यह समिति तीन दिन में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी।

मुख्यमंत्री ने दिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्य सचिव को गुना हादसे में अन्य दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही परिवहन विभाग से भी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया है। राज्य स्तर से सभी कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों को भी निर्देश भेजे जा रहे हैं कि यदि बगैर परमिट के वाहन चलते हैं तो सतर्कता बरतें और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाएं। परिवहन विभाग के उच्च स्तर के अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाए।

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