नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस संतोष वर्मा द्वारा आरक्षण और ब्राह्मण समाज को लेकर की गई विवादास्पद टिप्पणी पर विवाद लगातार गहराता जा रहा है।आईएएस संतोष वर्मा के विवादित बयान को लेकर मध्य प्रदेश में विरोध की आग थमने का नाम नहीं ले रही। जहां इस मामले में राज्य के 65 से अधिक ब्राह्मण संगठन एकजुट हो गए हैं और उन्होंने आईएएस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। संगठनों का साफ कहना है कि जब तक संतोष वर्मा पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन थमेगा नहीं।
क्यों भड़का विवाद?
23 नवंबर को भोपाल के अंबेडकर मैदान में अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन के दौरान संतोष वर्मा प्रांताध्यक्ष चुने गए थे। उसी मंच से आरक्षण पर बोलते हुए उन्होंने टिप्पणी की थी कि, एक परिवार में एक व्यक्ति को आरक्षण तब तक देना चाहिए, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता। यह बयान बाहर आते ही प्रदेश से लेकर बिहार विधानसभा तक तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। सोशल मीडिया पर भारी विरोध हुआ और जगह-जगह प्रदर्शन तेज हो गए।
सरकार भी हरकत में
लगातार उठते सवालों के बीच 26 नवंबर को आईएएस वर्मा को नोटिस जारी किया गया। नोटिस में कहा गया कि उनकी टिप्पणी सामाजिक समरसता को ठेस पहुँचाने वाली है और यह अखिल भारतीय सेवा नियम 1969 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में आती है। उनसे 7 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश
आईएएस वर्मा के खिलाफ अब प्रदेशभर के ब्राह्मण संगठन खुलकर सड़कों पर उतर आए हैं। संगठनों का कहना है किसंतोष वर्मा के खिलाफ तुरंत कार्रवाई हो।जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।सोमवार के बाद आंदोलन की नई रणनीति तय होगी।इसी बीच, संतोष वर्मा का एक और बयान सामने आया है, जिसने आग में घी डालने का काम किया। उन्होंने कहा,कितने संतोष वर्मा को मारोगे, कितने को जलाओगे अब हर घर से एक संतोष वर्मा निकलेगा। अब सभी 65 ब्राह्मण संगठनों ने संयुक्त रूप से 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास घेराव करने की घोषणा की है।





