सतना, 29 मई (हि. स.)। सांसद गणेश सिंह ने जिला प्रशासन से कहा है कि कोविड से जिन लोगों की दुखद मृत्यु हुई है उनके परिजन मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि कोरोना पॉजिटिव होने पर अस्पताल में कोरोना वार्ड में भर्ती लगातार किया गया इलाज भी कोरोना का हुआ। अन्त में मृत्यु के बाद टेस्ट में निगेटिव आ गया उनके मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण कोविड नहीं लिखा गया, दूसरा कोविड़ की दूसरी जो आयी थी इसमें कई ऐसे लोग जो पॉजिटिव टेस्ट में नहीं आये, लेकिन कोविड संक्रमण से पीड़ित थे भर्ती कोरोना वार्ड में ही कराया गया, इलाज भी वहीं किया गया फिर भी जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में कोरोना से मृत्यु का उल्लेख नहीं किया जाता, जबकि सच्चाई यही है कि उनकी मृत्यु कोविड से ही हुई है। कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक पोस्टमार्टम का प्रावधान नहीं है। ऐसी स्थिति में मृत्यु का कारण का कालम निरंक रखना गलत है। सांसद ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसे सभी मृतकों को अस्पताल में भर्ती होते समय यदि कोरोना पॉजिटिव था या कोरोना वार्ड में भर्ती किया गया था जांच में पॉजिटिव नहीं आया, किन्तु लक्षण कोरोना के थे ऐसे सभी मृतकों के प्रमाण पत्रों में मृत्यु का कारण कोविड लिखा जाना चाहिए, सतना जिले के निवासी यदि बाहर कोविड संक्रमण के कारण बीमार पड़े तथा अस्पतालों में भर्ती हुए और उनका दुःखद निधन हो गया उनके मृत्यु प्रमाण पत्रों में कोविड से मृत्यु होना लिखा जाना चाहिए। सांसद ने कलेक्टर सतना से कहा है कि लोगों को अनावश्यक भटकना न पड़े उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र जल्द से जल्द उपलब्ध करायें तथा प्रदेश सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सहायता राशि दिलाया जाय। हिन्दुस्थान समाचार/श्याम पटेल




