नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कर्नाटक के बेल्लारी में कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच गुरुवार देर रात हुई हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। यह झड़प स्थानीय राजनीतिक विरोध और तनाव के कारण भड़की थी। शुरुआती जांच में अब बड़ा खुलासा हुआ है कि मृतक कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौत उस फायरिंग में हुई, जो कथित तौर पर कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी के निजी अंगरक्षक द्वारा की गई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से यह पता चला है कि घातक गोली उनके ही अंगरक्षक की बंदूक से चली थी।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच
राजशेखर का पोस्टमार्टम बेल्लारी मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सेंटर में किया गया। फॉरेंसिक टीम ने उनके शरीर से 12 एमएम सिंगल बोर की गोली का हिस्सा बरामद किया। जांच में यह हिस्सा उन कारतूसों से मेल खाता पाया गया, जो कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और उनके निजी व सरकारी अंगरक्षकों के पास मौजूद बंदूकों में इस्तेमाल होते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्य इस ओर संकेत कर रहे हैं कि राजशेखर को लगी घातक गोली विधायक के अंगरक्षक की बंदूक से ही चली।
पुलिस कार्रवाई और हथियार जब्ती
घटना के बाद पुलिस ने विधायक भरत रेड्डी और उनके सहयोगियों के निजी व सरकारी गनमैनों की कुल पांच बंदूकें जब्त कर लीं और ब्रूसपेट थाना में रख दीं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से मिले मैटेरियल और पोस्टमार्टम के दौरान बरामद बुलेट के टुकड़े की तुलना इन हथियारों से की। प्रारंभिक जांच के आधार पर यह स्पष्ट हो गया है कि गोली इसी समूह के किसी अंगरक्षक की बंदूक से चली थी।
दो FIR दर्ज, कुल 64 नामजद आरोपी
इस मामले में BJP की शिकायत के बाद कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और उनके समर्थकों के खिलाफ दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR में 41 लोगों के खिलाफ, जबकि दूसरी FIR में 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोपों में विधायक भरत रेड्डी, उनके पिता सूर्यनारायण रेड्डी, चाचा प्रताप रेड्डी और अन्य सहयोगियों के नाम शामिल हैं। आरोपों में घुसपैठ, जातिसूचक टिप्पणी, हमले की कोशिश और हिंसा जैसी बातें शामिल हैं। दोनों एफआईआर ब्रूसपेट थाना क्षेत्र में दर्ज की गई हैं।
राजनीतिक तनाव और विवाद
बेल्लारी झड़प ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। BJP ने इस मामले में कांग्रेस नेताओं और उनके समर्थकों पर हमले और हिंसा के आरोप लगाए हैं। वहीं कांग्रेस ने पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर कहा कि यह घटना अंगरक्षक की व्यक्तिगत कार्रवाई थी, जबकि विधायक पर सीधे आरोप नहीं लगाना चाहिए। घटना ने कर्नाटक में राजनीतिक दलों के बीच तनाव और आलोचनाओं को बढ़ा दिया है।
बेल्लारी हिंसा की यह घटना न केवल एक राजनीतिक झड़प का परिणाम है, बल्कि इसमें जान गंवाने वाला मामला भी शामिल है। फॉरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मृतक कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौत कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी के अंगरक्षक की गोली से हुई थी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है और कुल 64 लोगों को नामजद किया गया है। अब देखना यह है कि कानून और न्याय प्रक्रिया के तहत इस घटना का अंतिम समाधान कैसे निकलता है और स्थानीय राजनीतिक माहौल में क्या असर पड़ता है।





