रांची, 25 जून (हि. स.)। प्रदेश भाजपा की ओर से शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में आपातकाल के विरोध दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई और सत्याग्रह संचालन करने वाले अग्रजों के कारण हमारा मौलिक अधिकार बचा हुआ है। आपातकाल के पूर्व, पूरा देश इंदिरा गांधी सरकार के भ्रष्टाचार से तंग आ चुका था। संपूर्ण क्रांति, महंगाई, भ्रष्टाचार और राइट टू रिकॉल की लड़ाई लड़ी जा रही थी। इंदिरा ने सत्ता बचाने के लिए देश पर काला कानून आपातकाल थोप दिया। इस दौरान विपक्षी दल के एक लाख से ज्यादा नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जहां पुलिस दमन और बर्बरता की पराकाष्ठा की गई। देश में आज भी आपातकाल लगाने वालों का डीएनए जिंदा है। जिन्हें ना तो लोकतंत्र, प्रजातंत्र, लोकतांत्रिक संस्थाओं और न ही संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा है। कांग्रेस की नीति नीयत और नेतृत्व को लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है। पार्टी में भी आंतरिक लोकतंत्र समाप्त हो चुका है। कांग्रेस का चाल चरित्र सत्ता उपभोग के लिए राजनीति करना : बाबूलाल मरांडी भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आपातकाल के विरोध में सर्वाधिक भारतीय जनसंघ और आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने संघर्ष किया। आज उनके संघर्ष का फल है कि देश में पुनः लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल की गई। आपातकाल और कांग्रेस का चाल चरित्र बतलाता है कि कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ सत्ता उपभोग के लिए राजनीति करती है। जबकि भाजपा का इतिहास रहा है लोकतंत्र के लिए संघर्ष करना। विधायक सीपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा से लेकर विकास के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है लेकिन लोकतंत्र की हत्या करने वाले कांग्रेसियों को यह सब पच नहीं रहा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह कार्यक्रम के संयोजक दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि आजादी की दूसरी लड़ाई आपातकाल के दौरान लड़ी गयी। भारतीय इतिहास के लिए 25 जून काला दिन है। इंदिरा ने सत्ता की लोलुपता में विपक्षी नेताओं से लेकर सत्याग्रह करने वालों, अखबार व पत्रकारों पर जुल्म के इंतहा बरसाया था। कांग्रेस से निकले हुए दलों में आंतरिक लोकतंत्र समाप्त हो चुका है, जो दल अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं के लिए न्याय नहीं दे सकते। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण





