रांची, 16 जून (हि.स.)। झारखंड के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीख ने बुधवार को सभी जिले के जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी और जिला सहकारिता पदाधिकारी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक उन्होंने कई सख्त निर्देश दिए हैं। सिद्दीख ने जिला कृषि पदाधिकारी और जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि सभी जिला में बीज का वितरण एक सप्ताह के अंदर सुनिश्चित कर लिए जाये। वितरण में किसी भी लापरवाही के लिए उन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला कृषि पदाधिकारी और जिला सहकारिता पदाधिकारी दोनों संयुक्त रूप से बीज वितरण की समीक्षा करेंगे। प्रत्येक प्रखंड में एक नोडल लैम्प्स पैक्स होंगे, जिनसे अन्य लैम्प्स पैक्स जुड़ेंगे। वह मिलकर संयुक्त रूप से एनएससी में ड्राफ्ट लगाएंगे ,जो भी लैम्प्स पैक्स इसमें लापरवाही बरतेगा उनके अध्यक्ष और सचिव को शो कॉज किया जाएगा। निष्क्रिय लैम्प्स पैक्स का विधिवत पुनर्गठन होगा। उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि खाद की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेलवे पॉइंट पर जो भी रेक्स आएंगे उनके वेरिफिकेशन का काम संयुक्त रुप से संयुक्त निदेशक कृषि और उपनिदेशक सहकारिता पदाधिकारी करेंगे। खाद की ऑनलाइन उपलब्धता और भौतिक उपलब्धता का मिलान संबंधित कृषि पदाधिकारी करेंगे। खाद की बिक्री ई पोस मशीन के माध्यम से केवल ऑनलाइन की जाएगी। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो संबंधित डीलर के ऊपर कार्रवाई की जायेगी। सिद्दीख ने कहा की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में जो राशि पीएल खाता में संधारित है। उसका शत प्रतिशत खर्च सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि वह कम से कम पांच फ़ीसदी लाभुकों का निरीक्षण खुद करें और देखें कि सही मायने में किसानों को लाभ मिल रहा है या नहीं। उद्यान विभाग के पीएल खाते में रखे राशि का व्य्य भी शत-प्रतिशत जुलाई तक करने का निर्देश दिया गया हैं। पॉलीहाउस एवं उद्यान विभाग के द्वारा चलाए जा रहे अन्य स्कीम का निरीक्षण जिला उद्यान पदाधिकारी स्वयं करेंगे। सिद्दीख ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं जनसेवको की जिम्मेवारी निर्धारित करते हुए कहा है कि प्रखंड एवं पंचायत वार समीक्षा कर यह सभी प्रधानमंत्री किसान को केसीसी का लाभ दिलवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कृषि निदेशक, सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार एवं विभाग के विशेष सचिव को निर्देश दिया है कि वह जिला स्तर पर गत वर्ष में विभिन्न योजनाओं में पदाधिकारियों के परफॉर्मेंस के आधार पर इनकी रैंकिंग कर बेस्ट परफॉर्मेंस वाले पदाधिकारियों को अभिनंदन एवं कम परफारमेंस वाले को दंडित करने के लिए प्रस्ताव दे। समीक्षा के दौरान कृषि निदेशक निशा उरांव, सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार मृत्युंजय वर्णवाल विशेष सचिव प्रदीप हज़ारे आदि मौजूद थे। हिन्दुस्थान समाचार/कृष्ण




