ED ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भेजा 10वां समन, कहा- या तो आप आइए या हम आएंगे

Jharkhand News: जमीन घोटाले के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर 10वां समन भेजा है। ईडी ने उन्हें 29 से 31 जनवरी तक का समय दिया है।
Hemant Soren
Hemant Sorenraftaar.in

रांची (झारखंड), (हि.स.)। जमीन घोटाले के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर 10वां समन भेजा है। ईडी ने उन्हें 29 से 31 जनवरी तक का समय दिया है। ईडी ने पहले की तरह ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि पूछताछ के लिए या तो आप आइए या हम आएंगे।

हेमंत सोरेन ने 25 जनवरी को एक पत्र ईडी के अनुसंधान पदाधिकारी को भेजा था

एजेंसी ने 22 जनवरी को मुख्यमंत्री को समन भेजकर 25 जनवरी तक यह बताने को कहा था कि वह 27-31 जनवरी के बीच पूछताछ का कोई वक्त मुकर्रर कर एजेंसी को बताएं। ऐसे में ईडी ने एक बार फिर पत्र भेज कर मुख्यमंत्री से समय और स्थान तय करने की बात कही है। पत्र के जवाब में हेमंत सोरेन ने 25 जनवरी को एक पत्र ईडी के अनुसंधान पदाधिकारी को भेजा था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि उन्हें ईडी का नौवां समन मिला है लेकिन वह पूछताछ की तारीख या वक्त बाद में बताएंगे। ईडी को उन्होंने यह नहीं बताया था कि एजेंसी उनसे 27 से 31 जनवरी के बीच पूछताछ कर सकती है या नहीं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी के अधिकारी ने लंबी पूछताछ की थी

उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व 20 जनवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद ईडी ऑफिस नहीं गए, बल्कि उन्होंने ईडी के अधिकारियों को मुख्यमंत्री आवास बुलाया। ईडी के अधिकारी सुरक्षा के घेरे में ईडी दोपहर करीब एक बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी के अधिकारी ने लंबी पूछताछ की थी। लगभग सात घंटे से अधिक लंबी पूछताछ के बाद रात करीब आठ बजे मुख्यमंत्री आवास से ईडी की टीम बाहर निकली थी।

जमीन कुल 12 प्लाट में है और उसका कुल रकबा 8.46 एकड़ है

रांची की जिस जमीन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी के दायरे में आए हैं। दरअसल, वह जमीन रांची के बरियातू इलाके में है। जमीन कुल 12 प्लाट में है और उसका कुल रकबा 8.46 एकड़ है। ईडी की जांच रिपोर्ट में यह बात निकल कर आई है कि पूरे जमीन की घेराबंदी की गई है। साथ ही उसमें आउट हाउस और एक गार्ड रूम भी बना हुआ है। तफ्तीश में जानकारी मिली है कि जमीन में कुछ हिस्सों के नेचर गैरमजरूआ भूईंहरी जमीन का है जबकि कुछ बकास्त भूईंहरी जमीन है।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करेंwww.raftaar.in

Related Stories

No stories found.