रांची, 19 मार्च (हि.स.)। खान एवं खनिज विकास विनियम संशोधन विधेयक पर शुक्रवार को चर्चा करते हुए रांची के सांसद संजय सेठ ने कहा कि यह विधेयक खनिज उत्पादन के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाया गया है। निश्चित रूप से इसके दूरगामी परिणाम हमें देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रकृति ने झारखंड को प्रचुर मात्रा में खनिज संपदा के रूप में आशीर्वाद दिया है, वही आशीर्वाद मैं आसन से भी चाहता हूं ताकि झारखंड के विकास के नए आयाम मिल सके। सेठ ने कहा कि वह जिस क्षेत्र से आते हैं वहां का एक क्षेत्र खलारी जो पूरे देश को कोयला देता है और उस एक क्षेत्र के कोयले से पूरा देश जगमगाता है। सेठ ने पहली बार सदन में शेरो-शायरी भी की और कहा कि प्रधानमंत्री ने देखा है एक सपना, मजबूत खनिज क्षेत्र के साथ आत्मनिर्भर हो भारत अपना, विदेशों से नहीं लेंगे अब खनिज उधार, अपनी ही खनिजों से हम करेंगे देश का उद्धार। उन्होंने कहा कि हम अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं और इतने लंबे समय के बाद भी हम अभी भी खनिजों का आयात कर रहे हैं। यह पूरे देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। झारखंड एक ऐसा राज्य है जहां प्रचुर मात्रा में डीएमएफ की राशि मौजूद होती है। कई बार तो कई विभागों के पास भी इतने पैसे नहीं होते, जितना डीएमएफ के पास होता है। यह डीएमएफ है, जिसके राशि से कोलवरी क्षेत्रों में, खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी कई बुनियादी जरूरतें पूरी की जाती हैं। सेठ ने अपने वक्तव्य के अंत में फिर से एक शायरी करते हुए कहा कि डीएमएफ को लेकर दूर हो जनता की भ्रांति, तभी खनन के क्षेत्र में आएगी नई क्रांति, सबको शिक्षा सबको स्वास्थ्य सबको मिले रोजगार, खुशहाल हो सबका जीवन खुशियां जीवन में आए अपार। हिन्दुस्थान समाचार/ कृष्ण/चंद्र




