रांची, 28 जून (हि.स.)। एसटीएफ में कार्यरत आईपीएस शैलेंद्र वर्णवाल से सरकार ने स्पष्टीकरण पूछा है। 15 दिनों के अंदर उन्हें अपना पक्ष गृह विभाग को भेजने को कहा गया है। उनपर आरोप है कि जब वह गोड्डा में एसपी थे। तब भारत कोल लिमिटेड के कर्मचारी अभिजीत घोष को फसाने की साजिश रची थी। इन पर आरोप है कि मनहराज अनवर नामक एक ब्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से कुछ गांजा भी बरामद किया गया था। जब उसका बयान लिया गया तब पुलिस ने दबाव बनाकर अभिजीत घोष का नाम उसमें शामिल किया और उसकी गिरफ्तारी की तैयारी की गई। सीआईडी जांच में इसकी पुष्टि हुई। इसके बाद सरकार ने उनसे पूछा है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया था। मालूम हो कि धनबाद के निरसा थाना में 29 जून वर्ष 2019 में एक मामला दर्ज किया गया था। जिसमें अभिजीत घोष को गांजा के साथ गिरफ्तार करने का दावा पुलिस ने की थी। इस मामले में अभिजीत को जेल जाना पड़ा था। दोनों मामलों की जांच सरकार ने सीआईडी से कराई। अबतक की जांच में मामला फर्जी प्रतीत हुआ है। मामले की जांच अभी जारी है। हिन्दुस्थान समाचार/ विकास




