dpr-is-being-prepared-for-forelane-construction-from-sandi-to-bijulia
dpr-is-being-prepared-for-forelane-construction-from-sandi-to-bijulia

सांडी से बिजुलिया तक फोरलेन निर्माण के लिए डीपीआर हो रहा तैयार

रामगढ़, 06 मार्च (हि.स.)। रामगढ़ शहर के पुराने एनएच-33 पर दामोदर पुल के पास दर्जनों व्यापारियों के द्वारा जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। जिस जमीन पर कब अवैध कब्जा है वह पथ निर्माण विभाग के द्वारा अधिग्रहित किया जा चुका है। पिछले कई वर्षों से इस अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए पथ प्रमंडल रामगढ़ के कार्यपालक अभियंता के द्वारा पत्राचार किया जा रहा है। लेकिन नतीजा अभी तक नहीं निकल पाया। पथ निर्माण विभाग ने सांडी- बिजुलिया पद पर फोरलेन निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर लिया है। यह सड़क तब पूरी होगी जब पथ निर्माण विभाग की जमीन अतिक्रमण से मुक्त होगी। 8 मई 2020 को पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता राजेश मुर्मू को विभाग ने आदेश दिया था कि सांडी बिजुलिया पथ फोरलेन निर्माण हेतु डीपीआर में किए गए प्रावधानों पर मंतव्य उपलब्ध कराएं। विभागीय पत्र के अनुसार पथ के दोनों ओर अवस्थित यूटिलिटी शिफ्टिंग और लैंड एक्विजिशन की राशि एवं पथ के किनारे अवस्थित वृक्षों के कम से कम कटाई को दृष्टिगत रखते हुए डीपीआर में प्रावधान इस मद एवं मात्राओं पर विचार दिया जाना था। डीपीआर को लेकर किए गए प्रावधानों के पश्चात भू अर्जन की राशि और यूटिलिटी शिफ्टिंग की राशि में कमी आने की बात भी कही गई थी। रामगढ़ एवं मरार में भू अर्जन की आवश्यकता नहीं होने की बात भी विभागीय अधिकारियों के द्वारा कही गई थी। क्योंकि रामगढ़ में पहले ही जमीन का अधिग्रहण हो चुका था। दामोदर नदी पर प्रस्तावित पुल के संबंध में यह कहा गया था कि पुल का निर्माण पुराने लोहा पुल के तरफ से ही किया जाना बेहतर होगा। विदित हो कि 8 मार्च 2019 को मुख्य अभियंता, केंद्रीय निरुपम संगठन, पथ निर्माण विभाग, झारखंड के द्वारा कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, योजना एवं अन्वेषण प्रमंडल रांची को एक पत्र लिखा गया था। सांडी से बिजुलिया पथ निर्माण हेतु 13 किलोमीटर दूरी तक का डीपीआर तैयार कर कार्यालय को समर्पित करने का निर्देश दिया गया था। इसके आलोक में 24 अप्रैल 2020 को कार्यपालक अभियंता योजना एवं अन्वेषण ने कार्यपालक अभियंता रामगढ़ को पत्र लिखकर कहा था कि सांडी से बिजुलिया तक फोरलेन निर्माण हेतु डीपीआर मेल पर भेजा गया है। डीपीआर में किए गए प्रावधानों पर 15 दिनों के अंदर अपना मंतव्य प्रस्तुत करें। विभागीय पहल तो हो चुकी है लेकिन पैसे और पहुंचकर बल पर बड़ी दुकान और होटल बनाने वाले वाले लोग विभाग की जमीन पर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ अमितेश

Related Stories

No stories found.