नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। झारखंड की राजनीति में एक बार फिर सियासी गरमाहट बढ़ गई है। बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय को पुलिस की मदद से घेर लिया गया, जो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की शैली की तर्ज पर किया गया कदम है।
”भ्रष्टाचार मामलों के महत्वपूर्ण सबूत मौजूद हैं”
निशिकांत दुबे ने दावा किया कि ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री और पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामलों के महत्वपूर्ण सबूत मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में इन सबूतों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है और ईमानदार अधिकारियों को परेशान या गिरफ्तार किया जा सकता है।
‘झारखंड को पश्चिम बंगाल नहीं बनने देंगे’
बीजेपी सांसद ने कहा कि झारखंड में पहले भी ईडी के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं और झामुमो व कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा ईडी कार्यालय पर हमले की कोशिशें भी हो चुकी हैं। उनके अनुसार, यह सभी घटनाएं केंद्रीय जांच एजेंसियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच में बाधा डालने का प्रयास हैं।
निशिकांत दुबे ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी भरे लहजे में कहा,झारखंड को पश्चिम बंगाल की तरह नहीं बनने दिया जाएगा और भ्रष्टाचार करने वालों को सजा जरूर मिलेगी।उन्होंने झारखंड में कथित अवैध प्रशासन और भ्रष्ट प्रथाओं को खत्म करने की भी बात कही।
केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग
इससे पहले सांसद ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India) और गृह मंत्रालय (HMO India) से अपील की कि रांची ईडी कार्यालय की सुरक्षा के लिए तुरंत केंद्रीय बल तैनात किए जाएं, ताकि जांच एजेंसी स्वतंत्र और बिना किसी दबाव के अपना काम कर सके।
इस आरोप और केंद्रीय सुरक्षा की मांग के बाद झारखंड की राजनीति में सियासी हलचल और गरमाहट बढ़ गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले पर क्या कदम उठाती है और जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता कैसे सुनिश्चित होती है।





