जम्मू 24 मई (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन का आकलन करने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण प्रभावित समाज के विभिन्न वर्गों के लिए राहत उपायों की विस्तृत स्थिति की मांग की । उपराज्यपाल ने हाल ही में कोविड -19 के कारण समुदाय के विभिन्न कमजोर वर्गों की पीड़ा को कम करने के लिए कई उपायों की घोषणा की थी। उपराज्यपाल ने अधिकारियों से करुणा और सहानुभूति के साथ काम करने और इस महामारी के दौरान लोगों को उनकी कठिनाइयों को दूर करने में सक्षम बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने को कहा। उपराज्यपाल ने कहा कि विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि कोई भी भूखा न रहे। आप सभी को जरूरतमंद प्रत्येक नागरिक तक पहुंचना चाहिए। लाभार्थियों के लिए मिड डे मील भोजन की आपूर्ति और पूरक पोषण जारी रहना चाहिए। उपराज्यपाल ने कहा, दैनिक वेतन भोगी, प्रवासी मजदूरों के परिवारों का ख्याल रखें और महामारी के कारण होने वाले मुद्दों का समाधान करें। उपराज्यपाल ने बैठक में कहा कि महामारी का लोगों के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक प्रभाव है। उपराज्यपाल ने कहा यदि आवश्यक हो तो सबसे कमजोर आबादी, श्रमिकों, महिलाओं, बच्चों, छोटे व्यवसायों, किसानों, समुदायों और वरिष्ठ नागरिकों का समर्थन करने के लिए तुरंत विशिष्ट हस्तक्षेप किया जाना चाहिए। सामाजिक सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सहयोगात्मक, निरंतर और प्रयासों की आवश्यकता है। कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन का व्यापक अवलोकन करते हुए उपराज्यपाल को बताया गया कि विभिन्न घटकों के तहत लगभग 40 लाख लाभार्थियों को राहत दी गई है। इसके अलावा, ग्रामीण विकास विभाग ने अप्रैल और मई, 2021 के दौरान मनरेगा के तहत 8.21 करोड़ रुपये की लागत से 35,484 लाभार्थियों को कवर करते हुए 26,673 परिवारों को रोजगार प्रदान किया है। लगभग 7.10 लाख पेंशनभोगियों को अप्रैल महीने के लिए आईएसएसएस पेंशन के तहत 71 करोड़ की राषि पेंशन डीबीटी मोड के माध्यम से प्राप्त हुई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 1.28 लाख रु. पेंशनभोगियों के हक में मार्च और अप्रैल महीने के लिए 25.68 करोड रु. की राषि़ का भुगतान किया गया है। लाडली बेटी योजना के 83,617 हितग्राहियों के बैंक खातों में50.00 करोड रुपये की राश् िडीबीटी के माध्यम से जमा की गई है। ़ अन्य 25 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों के व्यक्तिगत बैंक खातों में जमा की जा रही है। इसके अलावा केन्द्र षासित प्रदेष जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों से संबंधित 1212 लाभार्थियों को चालू वित्तीय वर्ष के दौरान राज्य विवाह सहायता योजना के तहत गरीब विवाह योग्य लड़कियों (डीबीटी के माध्यम से) को वित्तीय सहायता के रूप में 4.836 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। हिन्दुस्थान समाचार/बलवान




