back to top
25.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

श्रद्धालुओं के लिए बुरी खबर, भारी बारिश से वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन से यात्रा अनिश्चितकाल के लिए रुकी

भारी बारिश के कारण वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन हुआ, जिससे यात्रा अनिश्चितकाल के लिए रोक दी गई है, जहां इस हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हुई और सभी सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मां वैष्णो देवी के दरबार जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार मौसम ने रोक दिया है। जहां 26 अगस्त को अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन के बाद से यात्रा ठप पड़ी है। बुधवार (3 सितंबर) को नौवें दिन भी त्रिकुटा पर्वत की ऊंचाइयों तक जाने वाला रास्ता वीरान रहा। श्रद्धालुओं की चहलकदमी के लिए मशहूर कटरा बेस कैंप अब सुनसान मैदान बन चुका है।

भूस्खलन फिर बना बाधा, लेकिन राहत की बात – कोई जनहानि नहीं

बीते 24 घंटे में समर प्वाइंट के पास एक और भूस्खलन हुआ, लेकिन सौभाग्य से उस वक्त कोई यात्री मौजूद नहीं था, वरना हादसा बड़ा हो सकता था। प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे मार्ग को बंद रखा है। पुराने मार्ग पर अब भी मलबा पड़ा है और नए रास्ते को भी नुकसान पहुंचा है।

कटरा में खामोशी, भक्तों की आंखों में निराशा

कटरा का वह इलाका जो हर पल “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता था, अब सन्नाटे से भर गया है। होटल खाली, बाजार सूने और श्रद्धालु मायूस। नागपुर से आए प्रमोद कहते हैं, “तीन महीने पहले टिकट कराई थी, सोचा था मां के दर्शन होंगे… अब तो यहीं ‘दर्शनी ड्योढ़ी’ से हाथ जोड़कर लौटना पड़ेगा।”

अब तक 34 श्रद्धालु गंवा चुके हैं जान

इस बार की बारिश बहुत ही कहर बरपा रही है। 26 अगस्त को अर्धकुंवारी के पास भारी भूस्खलन में 34 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी, और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन चौकन्ना है, और यात्रा को तब तक शुरू नहीं किया जाएगा जब तक पूरा मार्ग सुरक्षित नहीं हो जाता।

200 मिलीमीटर बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

मौसम विभाग की मानें तो बीते 24 घंटों में वैष्णो देवी आधार शिविर में 200 मिमी से ज्यादा बारिश हुई, जो इस सीजन में जम्मू क्षेत्र की सबसे अधिक वर्षा है। बाणगंगा नदी सहित कई नाले उफान पर हैं, जिससे रास्तों की मरम्मत में भी देरी हो रही है।

कब खुलेगा मां का द्वार?’

प्रशासन का कहना है कि सभी बाधाएं हटने और मौसम अनुकूल होने के बाद ही यात्रा बहाल की जाएगी। तब तक पूजा-अर्चना मंदिर में पुजारियों द्वारा निरंतर जारी है।

भक्तों की आस – मां बुलाएंगी जरूर

गौरतलब है कि कोविड के बाद यह सबसे लंबा समय है जब यात्रा रुकी हुई है। फिर भी श्रद्धालुओं का विश्वास अडिग है। क्योंकि, इससे पहले साल 2024 में भी करीब 95 लाख लोगों ने मां के दर्शन किए थे, और 172 करोड़ रुपये का दान भी आया था। फिलहाल, प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आधिकारिक सूचना मिलने तक यात्रा के लिए न निकलें, और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

Advertisementspot_img

Also Read:

कश्मीर विश्वविद्यालय में उपराष्ट्रपति का संदेश,बोेले-मेरा नहीं, हमारा कश्मीर कहिए, ड्रग्स से दूर रहने की अपील

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कश्मीर विश्वविद्यालय के 21वें कॉन्वोकेशन में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं को शिक्षा, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरक...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...