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‘डालसा द्वारा सलाथिया चैक पर शिविर लगाकर मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति किया जागरूक‘

उधमपुर, 18 मार्च (हि.स.)। भारत में 487 मिलियन से भी अधिक मजदूर हैं जोकि चाइना देश से दूसरे स्थान पर कार्य करते हैं और इनमें से 94 प्रतिशत ऐसे मजदूर हैं जो असंगठित मजदूर की श्रेणी में आते हैं तथा जिनको हर रोज मजदूरी पर काम नहीं मिलता है। उधमपुर जिला की बात करें तो करीब 12 हजार पंजीकृत मजदूर हैं और कुल मिलाकर उधमपुर जिला में करीबन 50 हजार स्थानीय लोग मजदूरी करते हैं जोकि असंगठित मजदूर हैं, जिन्हें हर दिन काम न मिलनेे के कारण अपना व अपने परिवार को चलाने में कठिन परेशानियांे से गुजरना पड़ता है। वहीं इसको लेकर जिला लीगल सर्बिसिस अथारिटी (डालसा) की सचिव सब जज उधमपुर संदीप कौर के दिशा-निर्देश पर एडवोकेट संजीत बवोरिया रिसोर्स पर्सन ने सलाथिया चैक पर एक जागरूकता शिविर लगाया तथा वहां पर मौजूद मजदूरों को विभिन्न जानकारियां प्रदान की। उन्होंने मजदूरों को बताया कि असंगठित मजदूर जिनको स्थायी तौर पर कार्य नहीं मिलता है। उन्हें सबसे ज्यादा कठिनाई तब आती है जब इस तरह का मजदूर बुजुर्ग बीमार हो जाता है। इस वर्ग के लोगों के लिए सरकार ने असंगठित क्षेत्र वर्कर्स एक्ट 2008 लागू किया है जिसके तहत मजदूर वर्कर्स फैसिलेशन सैंटर के माध्यम से अपनी पंजीकरण करवा सकता है और सरकार द्वारा लागू योजनाएं जैसे मनरेगा में एक वित्तिय वर्ष में 100 दिन का रोजगार पक्का कर सकता है। इसी तरह ‘द बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स‘ (रैगलुर आॅफ इंप्लायमैंट एंड कंडिशन आॅफ सर्विस) एक्ट 1996 के तहत मजदूर दुर्घटना होने पर सहायता, 60 वर्ष की आयू होने पर पैंशन, अपना मकान बनाने पर लोन, अपने बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता, इलाज करवाने के लिए सहायता, इत्यादि का हकदार है। जिसके लिए निर्धारित कंट्रीव्यूशन राशी जमा करवाना जरूरी है। इसे अलावा सामाजिक सुरक्षा को लेकर कोई भी 18 से 70 वर्ष तक का अकाउंट होल्डर व्यक्ति, प्रधानमंत्री सुरक्षा वीमा योजना के तहत 12 रूपए प्रतिवर्ष जमा करवाकर 2 लाख एक्सिडैंटल डैथ व 1 लाख रूपए स्थायी तौर पर अपंग होने पर हकदार है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत जीरो बैलेंस पर खाता खुलवाकर गरीब व्यक्ति 1 लाख रूपए तक दुर्घटना वीमा, 5 हजार रूपए तक का लोन, मोबाइल बैंकिंग सुविधा आदि का हकदार है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आबास योजना, सुकन्या समृद्धि योजनाओं की जानकारी देते हुए एडवोेकेट संजीत बवोरिया ने उपस्थित मजदूर वर्ग को संबंधित विभाग में पंजीकरण करवाने पर जोर डाला। हिन्दुस्थान समाचार/रमेश/बलवान

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