शिमला,15 मई (हि.स.)। कोरोना संक्रमित मरीज के लिए शिमला पुलिस के जवान फरिश्ता बनकर आए। पुलिस के इन दो जवानों ने पीपीई किट पहन कर 90 वर्षीय महिला को स्ट्रेचर पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया। घटना 14 मई की रात करीब 9:30 बजे की है। दरअसल संजौली के स्थानीय व्यक्ति ने पुलिस को फोन किया कि वर्धमान अपार्टमेंट में दो कारोना पॉजिटिव लोगों की हालत काफी खराब हो रही है। उनके घर में कोई भी सदस्य नहीं है जो उन्हें अस्पताल पहुंचा सके। कुछ देर बाद पाषर्द ने भी पुलिस को फोन कर यही सूचना दी कि 90 वर्षीय महिला शीला देवी की हालत इतनी गंभीर है कि वह घर से एंबुलेंस तक भी पैदल नहीं आ सकती। जबकि 72 वर्षिय व्यक्ति चलने में सक्षम है। फोन करने वाले ने पुलिस को बताया कि महिला का ऑक्सीजन का स्तर लगातार गिर रहा है। घर में कोई भी सदस्य नहीं है जो इन्हें अस्पताल तक पहुंचा सके। संजौली चौकी इंचार्ज ने हैड कांस्टेबल तेजा सिंह और कांस्टेबल नीरज को मदद के लिए भेजा गया। दोनों जवानों ने मौके पर जाकर व्यक्ति से फोन पर संपर्क साधा। इसी बीच आईजीएमसी से एंबुलेंस भी वहां पर पहुंच गई। 90 वर्षिय महिला शीला देवी की हालत काफी खराब हो गई थी। रात करीब 11:30 बज चुके थे। एंबुलेंस में कोई और सदस्य नहीं था जो पीपीई किट पहन कर घर जा सके। एंबुलेंस में उनके पास कोई अतिरिक्त पीपीई किट भी नहीं थी। पुलिस ने खुद पीपीई किट का प्रबंध किया। संजौली चौकी के कांस्टेबल नीरज और रात को पैट्रोलिंग डयूटी में तैनात कांस्टेबल सुरेश ने पीपीई किट पहनी। दोनों ने बिना समय गवाएं एंबुलेंस से स्ट्रेचर उठाया और तुरंत मदद की गुहार लगाने वाले व्यक्ति के घर पहुंचे। दोनों ने वहां पर महिला को स्ट्रेचर पर उठाया और रात 1 बजे अस्पताल पहुंचाया। दोनों को मरीजों को आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यहां पर इनका उपचार चल रहा है। पुलिस अधीक्षक मोहित चावला ने शनिवार को बताया कि जवानों का यह कार्य सराहनीय है। उन्होंने बताया कि पुलिस के जवान कोरोना काल में लाेगों की मदद में लगे हुए हैं। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल




