धर्मशाला, 20 मार्च (हि.स.) । सब सही रहा तो बहुप्रतीक्षित पठानकोट-मंडी फोरलेन सड़क परियोजना का काम अप्रैल में शुरू हो जाएगा। इसके लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी करीब पूरा कर लिया गया है। अधिकारिक सूत्रों की मानें तो इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से बाकायदा टेंडरिंग प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। कंडवाल से लेकर सिंहूनी तक के पैच तक करीब 12 सौ करोड़ रुपये की टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी भी हो चुकी है। जिसे अप्रैल 2021 में अमलीजामा पहनाए जाने की भी बात कही जा रही है। कंपिटेंट अथॉरिटी फॉर लैंड एक्यूजेशन यानी काला ( भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी) सुरेंद्र कुमार जो कि नूरपुर उपमंडल दंडाधिकारी भी हैं उनकी मानें तो उनकी ओर से कंडवाल से लेकर भेडखड तक भूमि अधिग्रहण की पूरी फायल तैयार कर संबंधित अथॉरिटी यानी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के सुपुर्द कर दी गई है, उनकी मानें तो इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है जिसमें भूमि अधिग्रहण के लिये सर्वे के दौरान कई अलग-अलग सर्कल के मुताबिक अलग-अलग तय राशि के तहत भूमि को अधिग्रहण करने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी, इस दौरान एनएचएआई की ओर से तैयार किये जाने वाले फोरलेन की चपेट में ऐसे भी भू-मालिक आये हैं जिन्हें महज़ 97 रुपये प्रति स्किवेयर मीटर के हिसाब से भी मुआवजा दिया जाना तय है, तो वहीं कुछ क्षेत्रों में 17 हजार रुपये प्रति सिक्वेयर मीटर के तहत मुआवजा दिया जायेगा। हालांकि फोरलेन की चपेट में आने वाले लोगों ने मुआवजे की उचित राशि के लिये संघर्ष आंदोलन छेड़ रखा है और वो तब तक विस्थापित न होने की मांग पर अड़े हैं जब तक कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, बावजूद इसके जहां नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया टेंडरिंग प्रक्रिया भी पूरी करने में जुट चुकी है तो फिर इन भू मालिकों का क्या होगा जिनकी जमीनों का अधिग्रहण करने के लिये स्थानीय स्तर पर गठित कमेटी काला की ओर से फाइल एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर तक पहुंचा दी गई है और अब वो बाकायदा इसे अमलीजामा पहनाने की दिशा में भी आगे बढ़ चुके हैं। काबिलेगौर है कि पहले चरण में 11 किलोमीटर से लेकर 52 किलोमीटर तक की सड़क का निर्माण होना तय है जो कि पठानकोट सिहुंनी तक प्रस्तावित है, जबकि उससे आगे की प्रक्रिया को भी जल्द अमलीजामा पहनाये जाने का कार्य भी जोरों-शोरों से चल रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/सतेंद्र/उज्जवल




