शिमला, 16 मार्च (हि. स.)। हिमाचल विधान सभा में मंगलवार को विपक्ष ने सरकार को बैक फुट पर धकेलने की कोशिश की। सदन में बजट पर कटौती प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार को जल जीवन मिशन तथा आउट सोर्स पर कर्मचारियों की भर्ती के मुद्दे पर घेरने का प्रयास किया।सदन में जल शक्ति विभाग से जुड़ी मांग पर विपक्ष के कटौती प्रस्तावों पर चर्चा का आगाज नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री ने किया। चर्चा के दौरान सदन में पक्ष विपक्ष के मध्य तल्खी देखने को मिली। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष को मुद्दों को सेंसनल बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। दरअसल नेता प्रतिपक्ष ने जल जीवन के टेंडरों का उल्लेख करते हुए कहा कि सराज व धर्मपुर दो ही हलकों में सारा पैसा चला गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में उन्होंने 3500 करोड़ के शिलान्यास व लोकार्पण समूचे प्रदेश में किए हैं। मु यमंत्री ने कहा कि उनके हलके में बहुत सारी पंचायते बिना सडक़ों के हैं। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को उनके हलके में चलने को कहा। मंगलवार को विधान सभा में सिंचाई, जलापूर्ति को लेकर विपक्ष के कटौती प्रस्तावों पर चर्चा हुई। चर्चा का आगाज करते हुए नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री ने जल जीवन मिशन के तहत आए व खर्च किए धन तथा जल शक्ति विभाग में की गई भर्तियों के मामले में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उनका कहना था कि दो ही हलकों के लोगों को नौकरी मिली है। साथ ही उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत बिना पैसों के व असंतुलित टेंडर लगाने का आरोप लगाया तथा कहा कि दो ही हलकों में सारा पैसा चला गया। उन्होंने सरकार को जल जीवन मिशन को लेकर घेरने का पूरा प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन में बिना पैसों के भारी भरकम टेंडर करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह मिशन चलाया जा रहा है, यह बड़ा स्कैम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि दो लोगों के हलकों में सारा पैसा चला गया। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल करते हुए कहा कि जल शक्ति मंत्री बनाए कि जल जीवन मिशन में कुल कितने टेंडर किए गए तथा इसमें से कितने बिना पैसों के किए गए। साथ ही केंद्र व प्रदेश से इस मिशन के तहत कितना कितना पैसा मिला है। उन्होंने कहा कि इस मिशन के तहत प्रदेश केा 500 करोड़ रूपए मिले हैं। लेकिन विभागीय सूत्र ने बताया है कि इस मिशन के तहत पांच हजार करोड़ रूप्ए के टेंडर किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि असंतुलित टेंडर लगाए जा रहे हैं। किसी हलके में 300 व 250 करोड़ रूप्ए के टेँडर तथा दूसरों के हलकों में 3 लाख , 5 लाख के टेँडर लगाए जा रहे हैं। चर्चा में भाग लेते हुए विधायक आशा कुमारी ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत कुल टेंडर का 47 फीसदी दो विधानसभा क्षेत्रों में ही चला गया। इसमें 26 हजार करोड़ रूप्ए के टेंडर धर्मपुर तथा 18 हजार करोड़ रूपए के टेंडर सिराज हलके में लगे हैं। उन्होंने कहा कि पानी के स्त्रोत अभी से सूखने लगे हैं। जल जीवन मिशन में हर घर नल की बात तो की जा रही है, लेकिन पानी कहां से आएगा। उन्होंने कहा कि डल्हौजी व बनीखेत में दूसरे व तीसरे दिन पानी आ रहा है। सरकार सूखे से निपटने के लिए क्या कर रही है। उन्होंने पेयजल स्त्रोत के आईडेंटीफिकेशन के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करने की बात कही तथा स्त्रोतों के संवर्धन की आवश्कयता पर बल दिया। चर्चा में भाग लेते हुए ठाकुर राम लाल ने कहा कि पानी की पाईपें कागजों में ही दबी है। मौके पर यह दबाई नहीं गई है। उन्होंने कहा कि चण्डीगढ़ व लुधियाना के दो ठेकेदार हिमाचल में काम कर रहे हैं। उन्होनें सवाल किया कि कितने हिमाचल के ठेकेदारों का काम दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसटैंडर्ड काम किया जा रहा है। चर्चा में कांग्रेस के पवन काजल, हर्ष वद्र्धन चौहान, नंद लाल , लखविंद्र राणा , राजेंद्र राणा ने भी भाग लिया। सभी विधायकों ने अपने अपने क्षेत्रों के मुद्दे इस दौरान सदन में उठाए। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील/उज्जवल




