शिमला, 27 जून (हि.स.)। लोकलाज के डर से बिन ब्याही एक मां ने अपने नवजात शिशु को जन्म के कुछ घण्टे बाद लावारिश हालत में छोड़ दिया। मुख्यमंत्री आवास के सुरक्षा में तैनात एक कर्मी ने शिशु के रोने की आवाज़ सुनी और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर शिशु को कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया और उसे डॉक्टरों की देखरेख में रखाया। डॉक्टरों ने नवजात को पूरी तरह से स्वस्थ बताया। पुलिस ने नवजात शिशु को मरने के लिए लावारिश छोड़ कर भागने वाली मां को पांच घण्टे के भीतर खोज निकाला। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा 317 में केस दर्ज किया है। ये घटना राजधानी के छोटा शिमला थाना क्षेत्र की है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिन ब्याही मां ने शनिवार तड़के अपने नवजात शिशु को मातृ-शिशु अस्पताल केएनएच के पास घास पर लावारिश हालत में छोड़ दिया और फरार हो गई। यह इलाका मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओकओवर से सटा है। मुख्यमंत्री आवास की सिक्युरिटी में तैनात एक कर्मी सुबह सात बजे जब वहां से गुज़र रहा था, तो उसे शिशु के रोने की आवाज़ सुनाई दी। नवजात शिशु को लावारिश हालत में पड़ा देखकर उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। छोटा शिमला थाने की एएसआई रंजना शर्मा के नेतृत्व में मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आवश्यक जांच-पड़ताल कर शिशु को अपने कब्जे में लेकर आईजीएमसी अस्पताल ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया। जहां चिकित्सकों ने नवजात को पूरी तरह से स्वस्थ बताया। चिकित्सकों ने पुलिस को बताया कि नवजात शिशु का कुछ घण्टे पहले जन्म हुआ है। अगर पुलिस समय पर शिशु को अस्पताल नहीं पहुंचाती तो उसका बचना मुश्किल था। रंजना शर्मा की टीम ने शिशु को लावारिश छोड़ने वाली मां की तलाश शुरू कर दी। घटनास्थल पर बिखरे खून के धब्बों के जरिये पुलिस आरोपित के घर तक पहुंच गई। अपने सामने पुलिस को खड़ा देख आरोपी महिला के होश उड़ गए। पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक युवती की अभी शादी नहीं हुई है। वह शिमला में प्राइवेट नौकरी करती है। एक युवक के संपर्क में आने के बाद वह गर्भवती हुई तथा प्रसव के बाद लोकलाज के डर से नवजात शिशु को लावारिश छोड़ दिया। बहरहाल शिमला पुलिस इस शिशु के लिए भगवान बन कर सामने आई है। एसपी शिमला मोहित चावला ने रविवार को बताया कि नवजात शिशु को लावारिश छोड़कर भागने वाली मां को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि छोटा शिमला पुलिस की एएसआई रंजना शर्मा औऱ उनकी टीम ने नवजात शिशु को नया जीवन दिया है। इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि उनके आसपास कोई भी घटना हो तो तुरंत पुलिस को बताएं। पुलिस तुरन्त पहुंचकर मदद करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि शिशु आईजीएमसी अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में है और पूर्ण स्वस्थ है। आगामी दिनों में ऑवचरिकताएँ पूरी करने के बाद शिशु को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल/सुनील




