शिमला, 22 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की आकर्षक झील चंद्रताल का दीदार करने से पहले पर्यटकों को स्थानीय प्रशासन से ई-पास बनवाना होगा। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने चन्द्रताल झील तक पहुंचने के लिये पर्यटकों को ई-पास लेना अनिवार्य कर दिया है। अब कोई भी पर्यटक 23 जून से बिना ई-पास के चन्द्रताल झील का दीदार नही कर सकेगा। लाहौल-स्पीति के उपायुक्त पंकज राय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चन्द्रताल झील जाने के लिये ई-पास उपमंडल अधिकारी की तरफ से जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ई-पास के माध्यम से चद्रताल को जाने वाले वाहनों की संख्या को आसानी से मॉनिटर किया जा सकेगा। बता दें कि विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल एवं दुनिया की खूबसूरत झीलों में शुमार चन्द्रताल झील में जून माह से अगस्त माह तक देशी-विदेशी पर्यटकों का तांता लगा रहता है। दरअसल चंद्रताल झील अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। चंद्रताल झील समुद्र तल से 4250 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। अर्धचांद की तरह दिखने पर इसका नाम चंद्रताल पड़ा जिसका अर्थ है चांद की झील। यह एक साफ पानी की झील है, जिसका पानी शीशे की तरह चमकता है और पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है। यह झील पूरे विश्व को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां साहसिक खेलों के शौकीनों का आवागमन लगा रहता है। सर्दियों के मौसम में बर्फ गिरने से चन्द्र ताल झील तक रास्ता काफी खराब हो जाता है ऐसे में इसे पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है। हिन्दुस्थान समाचार/उज्जवल/सुनील




