नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य में पंचायत चुनावों को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। शिमला में मीडिया से बात करते हुए सीएम सुक्खू ने स्पष्ट किया कि राज्य में पंचायत चुनाव समय पर ही होंगे और सरकार इसके लिए चुनाव आयोग को पूरा सहयोग देगी।चुनावों में हो रही देरी के कारण पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने आपदा राहत को अपनी पहली प्राथमिकता बताया।
आपदा राहत के बाद होगा चुनाव
सीएम सुक्खू ने बताया कि पंचायत चुनाव कराने से पहले सरकार का मुख्य दायित्व आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाना है।उन्होंने कहा, हिमाचल प्रदेश में अभी डिजास्टर एक्ट लगा है। सरकार का दायित्व बनता है सबसे पहले आपदा प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाई जाए।उन्होंने स्पष्ट किया, पंचायतों की सड़कों को खोला जाए। जैसे ही सभी पंचायतों की सड़कें खुलेंगी, चुनाव करवाए जाएंगे।सरकार 10 नवंबर को मंडी में आपदा प्रभावित परिवारों को घर निर्माण के लिए धनराशि मुहैया करवाएगी। आवास निर्माण के लिए 7 लाख रुपये दिए जाएंगे, जिसकी पहली किस्त 4 लाख रुपये होगी।
कांग्रेस संगठन और JICA ऋण पर भी बोले CM
सीएम सुक्खू ने संगठन से लेकर स्वास्थ्य परियोजनाओं तक, कई अन्य मुद्दों पर भी स्थिति स्पष्ट की करीब एक साल से भंग पड़े कांग्रेस संगठन के गठन को लेकर सीएम सुक्खू ने कहा कि एक सप्ताह में सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और जल्द ही संगठन का गठन कर लिया जाएगा।
जय राम ठाकुर को इसका स्वीकृति पत्र दिखाने की चुनौती दी
हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) की सहायता से ₹1422 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मिली है। इस पर बीजेपी द्वारा श्रेय लेने की कोशिश पर सीएम ने पूर्व सीएम जय राम ठाकुर पर तीखा हमला किया।सीएम ने कहा कि JICA में हिमाचल का 28 फीसदी शेयर है और यह जापान से मिला प्रोजेक्ट है, केंद्र का नहीं। उन्होंने जय राम ठाकुर को इसका स्वीकृति पत्र दिखाने की चुनौती दी।
बीजेपी विधायक हंस राज पर लगे आरोपों पर सीएम ने कहा कि मामले की जाँच की जाएगी, लेकिन पुलिस हर पहलू की जाँच करेगी क्योंकि लड़की ने एक साल पहले भी इसी तरह की शिकायत की थी जिसके बाद लड़की ने माफी मांग ली थी।हम चुनाव में देरी नहीं करेंगे, लेकिन जनता की तकलीफ़ के बीच राजनीति नहीं करेंगे राहत पहले, चुनाव बाद।





