Republic Day: जानें कौन हैं सुभाष कांबोज, PM ने 'मन की बात' में की प्रशंसा, गणतंत्र दिवस पर होंगे खास मेहमान

Yamuna Nagar: मधुमक्खी पालक प्रगतिशील किसान सुभाष कांबोज को भारत सरकार की और से दिल्ली में 26 जनवरी को 75वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला।
Republic Day
Republic Day Raftaar.in

यमुनानगर, हि.स.। खंड रादौर के गांव हाफिजपुर के मधुमक्खी पालक प्रगतिशील किसान सुभाष कांबोज को भारत सरकार की और से दिल्ली में 26 जनवरी को 75वें गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला। जिसमें वे भारत सरकार के 5 दिन तक मेहमान होंगे। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि भारत सरकार की और से उन्हें 5 दिन के लिए निमंत्रण दिया गया है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अनुसार उनको 24 जनवरी को दिल्ली बुलाया है फिर वहां 25 जनवरी से 28 जनवरी तक अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे जिसमें 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड को विशिष्ठ गैलरी में बैठकर देखने का मौका भी मिलेगा।

''मन की बात'' में पीएम ने इन किसानों का किया था जिक्र

27 और 28 जनवरी को उन्हें दिल्ली के प्रसिद्ध स्थानों पर भ्रमण कराया जाएगा। उसके बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के कार्यक्रम में भी शामिल रहेंगे। गौरतलब है कि हाफिजपुर के मधु मक्खी पालक प्रगतिशील किसान सुभाष कांबोज देश में उस समय सुर्खियों में आए जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने ''मन की बात'' कार्यक्रम में उनका दो बार जिक्र किया था।

सुभाष कांबोज को हरियाणा सरकार ने भी किया सम्मानित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के अन्य किसानों को भी सुभाष कांबोज की तरह ही वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण लेकर आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनने के लिए प्रेरित किया था। उन्हें मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी के अलावा कई मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है।

मधुमक्खी पालन से कमाया नाम

किसान सुभाष कांबोज ने बताया कि उन्होंने मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने मात्र 6 बॉक्स से मधुमक्खी पालन का कार्य शुरू किया था। आज उनके पास 2 हजार से ज्यादा मधुमक्खी पालन के बॉक्स है। आज उनका शहद हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के अलावा विदेशों में भी बिकता है। उन्होंने अब तक 1 हजार से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्म निर्भर बनाया है।

खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Related Stories

No stories found.