नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सदन में संबोधन के दौरान हंगामा खड़ा हो गया। सीएम वंदे मातरम् पर चल रही बहस के संदर्भ में बोल रहे थे, तभी कांग्रेस के 9 विधायकों को सस्पेंड कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामे के बीच इन विधायकों को सदन से बाहर करने का आदेश दिया।
सस्पेंड किए गए विधायकों में गीता भुक्कल, जस्सी पेटवाल, इंदु राज नरवाल, अशोक अरोड़ा, कुलदीप वत्स, बलराम बांगी और शकुंतला खटक शामिल हैं। इसके अलावा विकास सहारण और नरेश सेलवाल को भी निष्कासित किया गया। इस प्रकार कुल 9 कांग्रेस विधायकों को सदन से निष्कासित कर दिया गया।
वंदे मातरम् बहस पर CM के बयान से गरमाया माहौल
दरअसल, हरियाणा विधानसभा में वंदे मातरम् को लेकर चल रही बहस के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर हमला बोला। सीएम ने कहा कि मुस्लिम लीग और मुहम्मद अली जिन्ना के दबाव में कांग्रेस ने वंदे मातरम् से बाकी पहरे हटा दिए। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विधायक वेल में आकर अपनी नाराजगी जताते रहे, जिससे विधानसभा में गतिरोध की स्थिति बन गई। इस बीच, सस्पेंड किए गए 9 कांग्रेस विधायकों को बाहर निकाला गया।
कांग्रेस के 9 विधायक सदन से निष्कासित
हरियाणा विधानसभा में वंदे मातरम् पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस के 9 विधायकों को सदन से निष्कासित कर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों को आदेश दिए कि वे इन विधायकों को सदन से बाहर निकालें। इस कार्रवाई के बाद सदन में कांग्रेस के विधायक जमकर नारेबाजी करते रहे। इस चर्चा की शुरुआत शून्यकाल के बाद हुई, जब विधायक घनश्याम ने वंदे मातरम् पर चर्चा का प्रस्ताव रखा और स्पीकर द्वारा इसे पास कर दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को संबोधित करना शुरू किया, इसी दौरान कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया, जिसके कारण उन्हें निष्कासित किया गया।
सस्पेंड विधायक अशोक अरोड़ा का बयान
निष्कासित कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वंदे मातरम् पर चल रही चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बारे में जो बयान दिया, वह बेहद दुखद है। उन्होंने आरोप लगाया कि असल में भाजपा लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है।





