नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। गुजरात में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC)लागू होगा। गुजरात के सीएम भूपेन्द्र पटेल ने प्रेस वार्ता करके जानकारी दी है और 5 सदस्यी कमेटी का गठन किया है। ये कमिटी 45 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल का कहना है समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने और कानून बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना देसाई की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति का किया गया है। समिति 45 दिनों में राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर सरकार निर्णय लेगी।
CM पटेल ने क्या कहा
प्रेस कॉन्फ्रेंस सीएम पटेल ने कहा, ‘हम संविधान की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। ऐसे में पीएम मोदी ने देश में नागरिकों के समान हक के लिए कॉमन सिविल कोड पर अमल करने का फैसला लिया है। भाजपा ने ‘आर्टिकल 370’ हो या ‘वन नेशन, वन इलेक्शन, ट्रिपल तलाक ,कानून जैसे वादों को पूरा किया है और इसी सिलसिले में आज गुजरात सरकार ने कॉमन सिविल कोड के लिए एक समिति का गठन किया है।
उत्तराखंड में पहले ही लागू हो चुका है UCC
गुजरात से पहले उत्तराखंड ऐसा पहला राज्य बन चुका है, जहां 27 जनवरी 2024 को UCC लागू किया गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने UCC पोर्टल और इसके नियमों को लॉन्च करते हुए कहा था कि यह कदम बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि है। हालांकि, उत्तराखंड में अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को UCC के कुछ प्रावधानों से छूट दी गई है।
क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC)?
UCC का मतलब है कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति, या समुदाय से हों। उनके लिए एक ही कानून होगा। अगर किसी राज्य में UCC लागू होता है।तो इन सभी मामलों में एक ही कानून लागू होगा। खास बात यह है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स के लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।





