back to top
29.1 C
New Delhi
Monday, March 2, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

गुजरात में छोटे नोटों की किल्लत, 10, 20 और 50 रुपये के नोटों में आयी भारी कमी, ग्रामीण इलाके ज्‍यादा प्रभावित

गुजरात में छोटे नोटों की किल्लत गंभीर समस्‍या बन गई है। इससे आम लोग और छोटे व्यवसाय दैनिक लेन-देन में परेशान हैं। इस संबंध में अखिल भारतीय रिजर्व बैंक कर्मचारी एसोसिएशन ने RBI को पत्र लिखा है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । गुजरात में 10, 20 और 50 रुपये के नोट की किल्लत गंभीर रूप ले रही है। अखिल भारतीय रिजर्व बैंक कर्मचारी एसोसिएशन (AIRBEA) ने बताया कि इन छोटे मूल्य के नोटों की उपलब्धता काफी कम हो गई है। शहरों में तो लोग असुविधा झेल रहे हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। छोटे नोटों की कमी के कारण दैनिक खरीद-फरोख्त और छोटे लेन-देन में आम लोगों को काफी समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है।

AIRBEA ने RBI को लिखा पत्र

AIRBEA ने छोटे मूल्य के नोटों की कमी को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक को औपचारिक पत्र भेजा है। यह पत्र RBI के करेंसी मैनेजमेंट विभाग के प्रभारी डिप्टी गवर्नर टी. रवि शंकर को भेजा गया। पत्र में कहा गया है कि देश के कई हिस्सों में 10, 20 और 50 रुपये के नोट मिलना लगभग नामुमकिन हो गया है, जबकि 100, 200 और 500 रुपये के नोट आसानी से उपलब्ध हैं। AIRBEA का कहना है कि एटीएम से ज्यादातर नकदी उच्च मूल्य की नोटों में निकलती है और बैंक शाखाएं भी छोटे नोट उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं हैं। इसका असर आम लोगों की दैनिक जरूरतों पर पड़ रहा है, जैसे कि स्थानीय परिवहन, सब्जी और किराने की खरीद। विशेष रूप से बुजुर्ग, ग्रामीण और दिहाड़ी मजदूर इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

छोटे कारोबार पर नोटों की कमी का असर

कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि छोटे दुकानदार, ठेले वाले और स्थानीय व्यापारी 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की कमी से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। ग्राहकों के पास पर्याप्त नकद न होने के कारण लेन-देन में देर होती है या सौदे रुक जाते हैं। संघ ने यह भी बताया कि भले ही डिजिटल भुगतान बढ़ रहा हो, नकद की जरूरत अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। देश की बड़ी आबादी अभी भी नकद लेन-देन पर निर्भर है, क्योंकि हर जगह डिजिटल भुगतान संभव नहीं है। नेटवर्क की समस्या, तकनीकी जानकारी की कमी और छोटे लेनदेन के कारण लोग नकद को प्राथमिकता देते हैं। इस स्थिति में छोटे नोटों की कमी गंभीर चुनौती बन गई है।

AIRBEA ने RBI को दिए सुझाव

छोटे नोटों की किल्लत दूर करने के लिए AIRBEA ने RBI से फौरन हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन ने सुझाव दिया है कि बैंकों और RBI काउंटरों के माध्यम से छोटे मूल्य के नोटों का पर्याप्त वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, सिक्कों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए पहले की तरह ‘सिक्का मेले’ आयोजित करने की सिफारिश की गई है। इन मेलों को पंचायतों, सहकारी समितियों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से लगाया जा सकता है। AIRBEA को उम्मीद है कि इन उपायों से नकदी संकट जल्द हल होगा और लोगों को रोजमर्रा के लेन-देन में राहत मिलेगी।

Advertisementspot_img

Also Read:

गुजरात में अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका, AAP पार्टी के किसान नेता राजूभाई करपड़ा ने दिया इस्‍तीफा

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और...
spot_img

Latest Stories

Amitabh Bachchan ने सोशल मीडिया पर किया ऐसा ट्वीट, फैंस में मचा तहलका

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन सोशल...

बंगाल से राज्यसभा की दौड़ में नई एंट्री, ममता बनर्जी ने किया नॉमिनेट, आखिर कौन हैं कोयल मल्लिक?

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की...

The Kerala Story 2 Day 1 Collection: कंट्रोवर्सी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत ओपनिंग

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। कोर्ट केस और सियासी विवादों के...

तेहरान समेत ईरान के कई इलाकों में विस्फोट, इजरायल की बड़ी सैन्य कार्रवाई का दावा

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अंतरराष्ट्रीय माहौल आज 28 फरवरी 2026...