Finance Minister सीतामरण ने कहा-भारत 2027-28 तक बन जाएगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

Vibrant Gujarat Global Summit 2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने बुधवार को कहा कि भारत वित्त वर्ष 2027-28 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
Union Finance Minister Nirmala Sitamaran
Union Finance Minister Nirmala Sitamaranraftaar.in

गांधीनगर/नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने बुधवार को कहा कि भारत वित्त वर्ष 2027-28 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। सीतारमण ने कहा कि भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) उस समय तक पांच लाख करोड़ डॉलर से अधिक हो जाएगा।

हम वित्त वर्ष 2027-28 तक दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे

केंद्रीय वित्त मंत्री ने यहां 10वें वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 को संबोधित करते हुए यह बात कही। सीतारमण ने कहा कि संभव है कि हम वित्त वर्ष 2027-28 तक दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे, हमारी जीडीपी उस समय तक 5 लाख करोड़ डॉलर से अधिक हो जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि रुढ़िवादी अनुमानों के हिसाब से भी भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार वर्ष 2047 तक 30 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच जाएगा।

विजन डॉक्यूमेंट 'विकसित गुजरात@2047' भी जारी किया

इससे पहले सीतारमण ने विजन डॉक्यूमेंट 'विकसित गुजरात@2047' भी जारी किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा, गिफ्ट सिटी के अध्यक्ष हसमुख आधिया, केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि भारत को वर्ष 2023 तक 919 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिला है। इसमें 65 फीसदी यानी 595 अरब डॉलर का एफडीआई मोदी सरकार के आठ-नौ वर्षों के कार्यकाल के दौरान आया है। उन्होंने कहा कि देश में बैंक खाता रखने वाले लोगों की संख्या 50 करोड़ हो गई है, जबकि 2014 में 15 करोड़ लोगों के पास ही बैंक खाते थे।

भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है

इस समय भारत करीब 3.4 लाख करोड़ डॉलर के जीडीपी के साथ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। फिलहाल अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी की अर्थव्यस्था उससे आगे हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था के चालू वित्त वर्ष में 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसकी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रही थी।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Related Stories

No stories found.