नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश की पहली बुलेट ट्रेन के लिए अहमदाबाद से मुंबई के बीच एक हाई स्पीड कॉरिडोर बनाया जा रहा है। पहली बुलेट ट्रेन कमर्शियली सूरत के एक सेक्शन में चलाई जाएगी। लेकिन बुलेट ट्रेन को चालू करने से पहले उसकी टेस्टिंग की जाएगी। ये टेस्ट राजस्थान में किया जाएगा। राजस्थान में 64 किलोमीटर का एक हाई स्पीड टेस्ट ट्रैक बनाया जा रहा है। भविष्य में आने वाली किसी भी तेज रफ्तार ट्रेन का टेस्ट इस ट्रेक पर किया जाएगा। इस ट्रैक पर किसी भी ट्रेन को 220 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पर चलाया जा सकता है। इस प्रयोग अधिकांश रूप से ट्रेन की रफ्तार टेस्ट करने के लिए होगा। यह रेलवे ट्रैक अन्य किसी भी रेलवे ट्रैक से बिल्कुल अलग है।
कैसे अलग है यह ट्रैक
यह टेस्ट ट्रैक जोधपुर के रेलवे मंडल के तहत आने वाले सांभर में बनाया जा रहा है। इस ट्रैक को जमीन से ऊंचाई पर बनाया जा रहा है। इस ट्रैक पर तेज रफ्तार ट्रेन का टेस्ट होगा इसलिए इसको जमीन से ऊपर बनाया गया है। इस ट्रैक को पहले सीधा, फिर ब्रिज पर और फिर घुमावदार बनाया जा रहा है। इस तरह से ट्रेन को हर एंगल से टेस्ट किया जा सकता है। भारत में चलने वाली ट्रेन घुमावदार, पुल और सीधे ट्रेक से होकर गुजरती हैं आमतौर पर। अगर जरूरत पड़ी तो भविष्य में इसमें बवलाव भी किए जा सकते हैं।
विदेश में मिलेगी अलग पहचान
भविष्य में वंदे भारत से लेकर बुलेट ट्रेन तक देश में तेज रफ्तार के साथ दौड़ेगी। ऐसे में यह ट्रैक उनके टेस्ट में काफी प्रभावशाली साबित होगा। इस टेस्ट ट्रैक को 64 किलोमीटर लंबा बनाया जा रहा है। पहले फेज में 64 में से 20 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनके तैया हो चुका है। बाकी का ट्रैक की तैयार होने की उम्मीद दिसंबर 2025 तक जताई जा रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे की मानें तो यहां केवल देश की ट्रेनें ही नहीं बल्कि दुनिया के दूसरे देश भी अपनी रेलों को टेस्ट कर सकेंगे। इससे दुनिया में भारत को एक अलग पहचान मिलेगी। साथ ही भारत को कई अन्य तेज रफ्तार ट्रेनों को भी देखने का मौका मिलेगा, जिन्हें शायद बाद में भारत लाया जाए।
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