नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । देश के कई राज्यों में भयंकर बारिश से बाढ़ और भूस्खलन जैसेी घटनाएं हो रही हैं। इस भारी बारिश के चलते बाढ़ की चपेट में आने से कई जगहों में लोगों की मौत भी हुई है। तो वही, बड़ी मात्रा में लोग प्रभावित और विस्थापित हुए हैा। तेज और मूसलाधार बारिश से देश के कई नदियां और नाले ऊफान पर है। इसी के चलते दिल्ली में यमुना का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए 1 सितंबर की सुबह 205.33 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 205 मीटर से अधिक है। जबकि चेतावनी स्तर 204.5 मीटर तय है। यह स्थिति बाढ़ जैसे संभावित खतरे और प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता को दर्शाती है।
सरकार और संबंधित एजेंसियां अलर्ट
लगातार बारिश और पड़ोसी राज्यों से छोड़े गए पानी ने यमुना के जलस्तर को और बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है। हालात बिगड़ने की संभावना को देखते हुए सरकार और संबंधित एजेंसियां अलर्ट पर हैं। वहीं, मौसम विभाग ने अगले दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
प्रशासन अलर्ट मोड़ पर
बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और मयूर विहार में टेंट स्थापित किए हैं, जहां निचले इलाकों के प्रभावित लोगों को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जा रहा है। इस बीच, पुराना रेलवे ब्रिज नदी के प्रवाह और जलस्तर पर निगरानी रखने का प्रमुख केंद्र बन गया है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
बैराज से पानी छोड़ना बड़ी वजह
यमुना के जलस्तर में वृद्धि की मुख्य वजह हरियाणा के हथिनीकुंड और दिल्ली के वज़ीराबाद बैराज से छोड़ा जा रहा भारी जलप्रवाह है। रिपोर्ट के अनुसार, हथिनीकुंड से प्रति घंटे करीब 53,950 क्यूसेक और वज़ीराबाद से लगभग 51,210 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
मौसम विभाग (IMD) ने 1 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे यमुना का जलस्तर और बढ़ने और हालात के बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। यह पूर्वानुमान प्रशासनिक चुनौतियों को और गंभीर बना सकता है।
बाढ़ को देखते हुए विभाग की पूर्व तैयारी
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सभी एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि यमुना का जलस्तर 206 मीटर से ऊपर पहुंचता है तो प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।




