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Thursday, March 12, 2026
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Hate Speech: नोडल अफसर तैनात किए या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने इन 4 राज्यों को भेजा नोटिस

New Delhi: देशभर में हेट स्पीच की बढ़ती घटनाओं के मामलों पर सुनवाई करते हुए SC ने गुजरात, केरल, नगालैंड और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी कर नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जानकारी देने का निर्देश दिया।

नई दिल्ली, हि.स.। देशभर में हेट स्पीच की बढ़ती घटनाओं के मामलों पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात, केरल, नगालैंड और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी कर नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जानकारी देने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर बताया कि 28 राज्यों ने अपने यहां नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है, जबकि गुजरात, केरल, नगालैंड और तमिलनाडु की सरकारों ने अभी तक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की है।

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी

उल्लेखनीय है कि 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच और हेट क्राइम से जुड़े दिशा-निर्देशों को लागू करने को लेकर सभी राज्यों से स्टेटस रिपोर्ट तलब की थी। जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने तहसीन पूनावाला मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देश को लागू करने के मामले में 3 हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।

निर्देशों का सही ढंग से पालन हो

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कानून एकदम स्पष्ट है और उसे लागू करना एक समस्या है। कभी-कभी कानून स्पष्ट होता है, समस्या तब होती है जब कानून स्पष्ट न हो। कोर्ट ने कहा था कि सरकार को व्यावहारिक और शीघ्र सख्त कदम उठाने की जरूरत है। इसके लिए हम अपने फैसले में कुछ बदलाव या ढिलाई नहीं करेंगे। उसमें हम कुछ और जोड़ेंगे। कोर्ट ने कहा था कि हम चाहते हैं कि निर्देशों का सही ढंग से पालन हो। निर्देशों का पालन नहीं होने की स्थिति में याचिकाकर्ता हाई कोर्ट जा सकते हैं।

पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील बनाने की जरूरत

जस्टिस खन्ना ने कहा था कि पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील बनाने की जरूरत है और पुलिस अकादमियों को इसमें बड़ी भूमिका निभानी होगी। कोर्ट ने कहा था कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं, जहां भी जिला मजिस्ट्रेट या डीसीपी को लगे वहां सीसीटीवी लगाए जा सकते हैं। कुछ पुलिसकर्मी भी वहां होने चाहिए। साथ ही कुछ मामलों में जहां हिंसा होती है, नोडल अधिकारियों को उन सभी घटनाओं, वीडियो आदि की सूची बनानी चाहिए। यदि ऐसे वीडियो प्राप्त होते हैं तो उन्हें आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

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