नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी की नेता प्रतिपक्ष आतिशी से जुड़े एक वायरल वीडियो ने सियासी घमासान खड़ा कर दिया है। सिख गुरुओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोपों के बीच विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने वीडियो की फॉरेंसिक जांच का बड़ा फैसला लिया है। जांच रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर सदन को सौंपी जाएगी।
विधानसभा में हंगामा, स्पीकर का अहम फैसला
दरअसल, 7 और 8 जनवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने आ गए। इस विवाद के बीच स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने पक्ष और विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक कर वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि सरकारी फॉरेंसिक लैब में जांच होगी और रिपोर्ट 23 जनवरी तक आ जाएगी।
वायरल वीडियो को लेकर ये है विवाद
यह वीडियो 6 जनवरी को भाजपा नेता और मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया था। वीडियो में नेता प्रतिपक्ष आतिशी को सदन में सिख गुरुओं विशेष रूप से गुरु गोबिंद सिंह जी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया है। भाजपा ने इसे गुरु मर्यादा का अपमान बताया है, जबकि आम आदमी पार्टी ने वीडियो को संपादित और फर्जी करार दिया है।
आप की शिकायत और तीन बड़ी मांगें
आम आदमी पार्टी विधायक संजीव झा और मुकेश अहलावत ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत सौंपी। संजीव झा ने कहा कि वीडियो में टैंपरिंग की गई है और यह बीजेपी की सस्ती राजनीति का हिस्सा है। पार्टी ने तीन मांगें रखी हैं। पहली, मंत्री कपिल मिश्रा की विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए। दूसरी, वीडियो को रीट्वीट करने वाले बीजेपी विधायकों को छह महीने के लिए निलंबित किया जाए। तीसरी, पूरा मूल वीडियो सार्वजनिक किया जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
भाजपा का पलटवार और कार्रवाई की मांग
बीजेपी विधायक रविंदर सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि आतिशी ने सदन में गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गुरुओं के अपमान को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नेता प्रतिपक्ष को सस्पेंड किया जाना चाहिए। वहीं कपिल मिश्रा ने दावा किया कि वीडियो विधानसभा की कार्यवाही का ही हिस्सा है। वहीं, मामले पर सिख संगठनों की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने विवाद की निंदा करते हुए स्पष्टीकरण की मांग की है। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हैं। यदि वीडियो असली पाया गया तो आतिशी पर कार्रवाई संभव है, वहीं अगर वीडियो फर्जी निकला तो संकट फिर भाजपा के नेताओं पर कानूनी तौर पर आना तय है।





