नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। सर्दियों की दस्तक के साथ दिल्ली-एनसीआर की हवा फिर जहरीली हो चली है। सोमवार सुबह तक भी दिल्ली के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में दर्ज की गई। आनंद विहार, बवाना, जहांगीर पुरी और नेहरू नगर जैसे इलाकों में AQI 380 से 410 के बीच रहा, जो जनस्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। ऐसे में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। हालांकि अभी GRAP-3 (Graded Response Action Plan – Stage 3) लागू नहीं हुआ है, लेकिन अगर आने वाले दिनों में AQI 401 से ऊपर बना रहा, तो कड़े प्रतिबंध लग सकते हैं।
क्या है GRAP-3 और क्यों लागू किया जाता है?
GRAP यानी Graded Response Action Plan यह प्रदूषण के स्तर के अनुसार लागू किए जाने वाले कदमों की एक रूपरेखा है। इसका तीसरा चरण तब लागू किया जाता है जब AQI 401 से 450 के बीच पहुंच जाता है यानी Severe श्रेणी में इस स्तर पर प्रदूषण इतना बढ़ जाता है कि सांस की बीमारियों, आंखों में जलन और बच्चों-बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर तुरंत असर पड़ने लगता है।
अगर GRAP-3 लागू हुआ, तो ये होंगी बड़ी पाबंदियां
क्षेत्र संभावित प्रतिबंध
स्कूल और शिक्षण संस्थान प्राथमिक स्कूल बंद किए जा सकते हैं। सभी बाहरी गतिविधियों (Outdoor Activities) पर रोक लगाई जा सकती है।
ऑफिस/कंपनियां निजी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू करने की सलाह या निर्देश मिल सकता है, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या घटे।
निर्माण कार्य (Construction) सभी गैर-जरूरी निर्माण और विध्वंस कार्यों पर सख्त प्रतिबंध। केवल सरकारी या जरूरी सार्वजनिक प्रोजेक्ट्स को ही छूट।
परिवहन (Vehicles) BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों के चलने पर रोक लग सकती है। भारी डीजल ट्रक और पुरानी गाड़ियां सड़कों से हटाई जाएंगी।
उद्योग (Industries) कोयला, लकड़ी या अन्य प्रदूषणकारी ईंधन इस्तेमाल करने वाले ईंट-भट्टे और छोटे उद्योग बंद किए जा सकते हैं।
निर्माण सामग्री परिवहन निर्माण सामग्री और मलबे की ढुलाई पर रोक, ताकि सड़कों पर उड़ती धूल को कम किया जा सके।
सोमवार सुबह दिल्ली में हवा का हाल (AQI स्तर)
इलाका AQI श्रेणी
बवाना 412 गंभीर
जहांगीर पुरी 394 बहुत खराब
बुराड़ी क्रॉसिंग 389 बहुत खराब
नेहरू नगर 386 बहुत खराब
चांदनी चौक 365 बहुत खराब
आनंद विहार 379 बहुत खराब
अशोक विहार 373 बहुत खराब
सीएम की अपील: कारपूलिंग करें, घर से काम करें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे कारपूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल करें। उन्होंने निजी कंपनियों से भी आग्रह किया है कि वे वर्क फ्रॉम होम नीति लागू करें ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो।
जनता में आक्रोश, ‘हेल्थ इमरजेंसी’ की मांग
प्रदूषण के बढ़ते स्तर के खिलाफ रविवार को इंडिया गेट पर सैकड़ों लोग एकत्र हुए और सरकार से तत्काल ‘हेल्थ इमरजेंसी’ घोषित करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दिल्ली की जहरीली हवा अब बच्चों और बुजुर्गों के जीवन के लिए सीधा खतरा बन चुकी है।
क्या है समाधान?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक दिल्ली-एनसीआर में वाहनों की संख्या, निर्माण धूल और पराली जलाने जैसी गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण नहीं किया जाता, तब तक हर सर्दी में यही हाल रहेगा। फिलहाल, लोगों को भी मास्क पहनने, एयर प्यूरिफायर इस्तेमाल करने और धूल फैलाने वाली गतिविधियों से बचने की जरूरत है।
दिल्ली की हवा फिर सांस लेने लायक नहीं रह गई है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो GRAP-3 लागू होकर स्कूल बंद, दफ्तरों में WFH और वाहनों पर रोक जैसी सख्त कार्रवाई हो सकती है। सरकार, उद्योग और आम जनता सभी को मिलकर अब प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे, वरना राजधानी एक बार फिर गैस चैंबर बन जाएगी।





