ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट पर केजरीवाल ने कहा, लोगों की मजबूरी को झूठा ना बताया जाए

on-oxygen-audit-report-kejriwal-said-people39s-helplessness-should-not-be-told-false
on-oxygen-audit-report-kejriwal-said-people39s-helplessness-should-not-be-told-false

नई दिल्ली , 25 जून (हि. स.)। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट पर शुक्रवार को सफाई देनी की कोशिश की और दिल्ली अस्मिता को ढाल की तरह पेश किया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार दोपहर अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि 'मेरा गुनाह है कि मैं अपने दो करोड़ लोगों की साँसों के लिए लड़ा। जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रात भर जग कर ऑक्सीजन का इंतज़ाम कर रहा था। लोगों को ऑक्सिजन दिलाने के लिए मैं लड़ा, गिड़गिड़ाया लोगों ने ऑक्सिजन की कमी से अपनों को खोया है। उन्हें झूठा मत कहिए, उन्हें बहुत बुरा लग रहा है। ' ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट के सामने आने के बाद से दिल्ली की राजनीति गर्म हो चली है। एक तरफ इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पूरी तरह से हमलावर बनी हुई है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए केजरीवाल सरकार पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 'अरविंद केजरीवाल के इस झूठ के कारण 12 ऐसे राज्य थे जो ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर प्रभावित हुए।क्योंकि सभी जगह से ऑक्सीजन की मात्रा काट कर दिल्ली को भेजना पड़ा था।' वहीं दूसरी तरफ आम आदमी (आप) पार्टी और उसके नेता बचाव में उतर आए हैं। इससे पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इस मुद्दे पर बेहद तल्ख अंदाज भाजपा पर पलटवार किया । उन्होंने कहा कि मैं जानता हूँ ऐसी कोई ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट मौजूद नहीं है। जबकि असलियत ये है कि भाजपा अपने पार्टी मुख्यालय में बनाई गई एक फेक रिपोर्ट शेयर कर रही है। उन्होनें कहा कि मैं भाजपा को चुनौती देता हूं कि वह सुप्रीम कोर्ट ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी द्वारा हस्ताक्षरित रिपोर्ट पेश करे।' उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक ऑक्सीजन ऑडिट टीम बनाई गई थी, जिसकी शुरुआती रिपोर्ट अब सामने आई है।रिपोर्ट में दिल्ली सरकार द्वारा तब किए गए ऑक्सीजन संकट के दावे को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जब दिल्ली सरकार द्वारा 1200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग कर रही थी। तब दिल्ली को सिर्फ 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली की इसी मांग के कारण करीब 12 राज्यों में ऑक्सीजन की किल्लत पैदा हुई थी, क्योंकि तब की जा रही मांग के मुताबिक ऑक्सीजन की अतिरिक्त सप्लाई दिल्ली में हो रही थी। हिन्दुस्थान समाचार/ श्वेतांक

Related Stories

No stories found.