सनातन को डेंगू-मलेरिया बताने वाले स्टालिन का राम मंदिर पर ज्ञान, बोले-मस्जिद तोड़कर मंदिर बनाने का समर्थन नहीं

सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया बताने वाले उदयनिधि स्टालिन ने अब अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम मस्जिद को तोड़कर उसकी जगह मंदिर बनाए जाने का समर्थन नहीं करते हैं।
उदयनिधि स्टालिन
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। सनातन धर्म पर अपनी जुबान से विवादित बयान देने वाले तमिलनाडु के डीएमके नेता और मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने अब राम मंदिर पर प्रतिक्रिया दी है। उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि हम मस्जिद को तोड़कर उसकी जगह मंदिर बनाए जाने का समर्थन नहीं करते हैं। उदयनिधि ने कहा कि हमारी डीएमके किसी भी आस्था या धर्म की विरोधी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम मस्जिद तोड़कर मंदिर बनाने से सहमत नहीं हैं।

हम मस्जिद तोड़कर वहां मंदिर बनाने से सहमत नहीं

इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि, "करुणानिधि ने हमेशा कहा था कि डीएमके किसी भी आस्था या धर्म की विरोधी नहीं है। मंदिर बनना कोई समस्या नहीं है, लेकिन हम मस्जिद तोड़कर वहां मंदिर बनाने से सहमत नहीं हैं। अध्यात्मवाद और राजनीति को एक साथ न मिलाएं। आपको बता दें बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माणकार्य चल रहा है और 22 जनवरी को रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेता शामिल हो रहें है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विपक्ष के भी कई नेताओं को निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन ज्यादातर नेताओं ने इस कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

उदयनिधि स्टालिन अक्सर सनातन धर्म के खिलाफ बोलते रहते हैं

आपको बता दें डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन अक्सर सनातन धर्म के खिलाफ बोलते रहते हैं। साल 2023 में उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और कोरोना वायरस से की थी। उदयनिधि ने कहा था कि सनातन धर्म डेंगू, मलेरिया और कोरोना की तरह है, जिसका महज विरोध नहीं किया जा सकता बल्कि इसे खत्म किया जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद काफी हंगामा भी हुआ था। बीजेपी ने डीएमके पर जमकर प्रहार किया था। बीजेपी ने डीएमके पर देश की 80 प्रतिशत हिंदू आबादी के खात्मे का आरोप लगाया था।

पटना की अदालत ने दिया है पेश होने का आदेश

उदयनिधि स्टालिन की विवादित टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ कई केस भी दर्ज किए गए है। इसको लेकर पटना की एमपी/एमएलए अदालत ने इसी सोमवार को संज्ञान पत्र जारी किया है। अदालत ने उदयनिधि को 13 फरवरी को अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।

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