Bilkis Bano Case: तीन दोषियों ने सरेंडर की अवधि बढ़ाने को लेकर दाखिल की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, बताई वजह

New Delhi: बिलकिस बानो गैंगरेप केस के 3 दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट से समर्पण की अवधि बढ़ाने की मांग की है। बिलकिस बानो गैंगरेप केस के 3 दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
Supreme Court
Supreme Court Raftaar.in

नई दिल्ली, हि.स.। बिलकिस बानो गैंगरेप केस के 3 दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट से समर्पण की अवधि बढ़ाने की मांग की है। बिलकिस बानो गैंगरेप केस के 3 दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। जिसमें गोविंद नाई ने 4 सप्ताह, जबकि मितेश भट्ट और रमेश चांदना ने 6 सप्ताह में सरेंडर करने की मोहलत मांगी है। उल्लेखनीय है कि 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने बिलकिस बानो गैंगरेप मामले के 11 दोषियों की रिहाई का फैसला रद्द कर सभी को 4 सप्ताह में समर्पण करने कहा था।

SC ने दिया था सरेंडर करने का आदेश

जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि गुजरात सरकार को नहीं बल्कि महाराष्ट्र सरकार को रिहाई के बारे में फैसला लेने का अधिकार है। अपराध भले ही गुजरात में हुआ हो, लेकिन महाराष्ट्र में ट्रायल चलने के कारण फैसला लेने का अधिकार गुजरात सरकार के पास नहीं है। कोर्ट ने सभी दोषियों को दो हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था।

आरोपियों ने की सरेंडर की मांग

आवेदन में गोविंद नाई ने कहा कि वह अपने 88 वर्षीय पिता और 75 वर्षीय मां की देखभाल कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वह अपने माता-पिता के एकमात्र केयरटेकर हैं और वह खुद भी अस्था और बिमारियों से पीड़ित हैं। 62 वर्षीय मितेश चिमनलाल भट्ट ने बुधवार देर रात दायर एक आवेदन में आत्मसमर्पण करने के लिए 6 सप्ताह का और समय मांगा। आवेदन में उसने कहा कि फसल से जुड़ी कटाई और अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए 5 से 6 सप्ताह का समय चाहिए।" उन्होंने अदालत से अपनी बढ़ती उम्र पर विचार करने का आग्रह करते हुए कहा कि वह अविवाहित हैं और उनकी मोतियाबिंद की सर्जरी हुई है।

तीसरे आरोपी ने भी मांगा समय

तीसरे दोषी 58 वर्षीय रमेश रूपाभाई चंदना ने अदालत को बताया कि एंजियोग्राफी के बाद वह दवा ले रहे हैं। उन्होंने आत्मसमर्पण के लिए 6 सप्ताह की मांग करते हुए कहा कि तुरंत आत्मसमर्पण करने से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। चंदना ने कहा कि उनकी फसल कटाई के लिए तैयार है और वह परिवार में एकमात्र पुरुष सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि उनकी 86 वर्षीय मां उम्र संबंधी कई बीमारियों से पीड़ित हैं। चंदना ने आत्मसमर्पण करने से पहले अपने लिए "व्यवहार्य व्यवस्था करने के लिए" समय मांगा।

खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Related Stories

No stories found.