कांग्रेस में हुआ बड़ा फेरबदल, प्रियंका गांधी की जगह अविनाश पांडे बने उप्र के प्रभारी, सचिन पायलट को मिला CG

New Delhi News: कांग्रेस पार्टी ने प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव की जिम्मेदारी से मुक्त कर यह जिम्मेदारी पार्टी नेता अविनाश पाण्डेय को सौंपा दी है।
कांग्रेस में हुआ बड़ा फेरबदल, प्रियंका गांधी की जगह अविनाश पांडे बने उप्र के प्रभारी, सचिन पायलट को मिला CG

नई दिल्ली, (हि.स.)। आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपने संगठन में व्यापक स्तर पर फेरबदल किया है। पार्टी ने प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश के प्रभारी महासचिव की जिम्मेदारी से मुक्त कर यह जिम्मेदारी पार्टी नेता अविनाश पाण्डेय को सौंपा दी है। इसी के साथ हिंदी भाषी तीनों राज्यों में कांग्रेस की करारी हार के बाद ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने छत्तीसगढ़ की प्रभारी कुमारी सैलजा को हटाते हुए उन्हें उत्तराखंड का प्रभार दे दिया। और छत्तीसगढ़ का प्रभार सचिन पायलट को सौंप दिया गया है।

कुमारी सैलजा को उत्तराखंड का प्रभारी महासचिव नियुक्त

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार को एक पत्र जारी कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी नेता अविनाश पाण्डेय को उत्तर प्रदेश का प्रभारी महासचिव बनाया है। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने सचिन पायलट को छत्तीसगढ़ का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है। मुकुल वासनिक को गुजरात, जितेंद्र सिंह को असम और मध्य प्रदेश दो राज्य, रणदीप सिंह सुरजेवाला को कर्नाटक, दीप बाबरिया को दिल्ली और हरियाणा, कुमारी सैलजा को उत्तराखंड का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश को संगठन में कम्यूनिकेशन देखने का जिम्मा दिया है जबकि केसी वेणुगोपाल संगठन का काम देखते रहेंगे।

हार के बाद से ही प्रदेश प्रभारियों को हटाने की चर्चा थी

हिंदी भाषी तीनों राज्यों में कांग्रेस की करारी हार के बाद से ही प्रदेश प्रभारियों को हटाने की चर्चा थी। छत्तीसगढ़ में तो कांग्रेस के पूर्व विधायकों ने खुलकर कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा पर आरोप लगाए थे। वहीं, आज शनिवार को पूर्व विधायकों की बैठक में भी कांग्रेस की हार को लेकर मंथन हुआ। रायपुर स्थित राजीव भवन में कांग्रेस के पूर्व विधायकों की बैठक रखी गई थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में पूर्व विधायक शकुंतला साहू रो पड़ीं। रोते हुए उन्होंने कहा कि कसडोल से टिकट कटी, इस बात का उतना मलाल नहीं था लेकिन मुझे लेकर अनर्गल बातें कही गई, बदनाम किया गया। मैं केवल कार्यकर्ता नहीं बेटी की तरह थी। यहां पर पूर्व विधायक ने ढाई-ढाई साल के मुद्दे को भी हार की वजह बताया। बैठक में पार्टी के संयुक्त महामंत्रियों, सचिव स्थानीय नेताओं से हार का कारण जानने के लिए चर्चा कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय पदाधिकारियों का गुस्सा फूटा और उन्होंने संयुक्त महामंत्रियों, सचिवों के सामने जमकर अपनी भड़ास निकाली।

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