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Thursday, March 19, 2026
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आईपीएस मनोज शर्मा से कम दिलचस्प नहीं, यूपी पीसीएस टॉपर सिद्धार्थ गुप्ता की कहानी; जानें कितना रहा संघर्ष

यूपी पीसीएस परीक्षा में टॉप करने वाले देवबंद के सिद्धार्थ गुप्ता ने ना सिर्फ उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाया बल्कि अपने माता पिता का सपना पूरा कर अपनी संघर्ष की कहानी भी बयां की।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आप सभी ने आईपीएस मनोज के जीवन पर आधारित फिल्म 12वीं फेल तो जरूर देखी होगी। जहां अभिनेता विक्रांत मैसी ने मनोज शर्मा के जीवन के संघर्ष को परदे पर उकेरा है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे 12 वीं में दो बार फेल होने के बावजूद आईपीएस मनोज शर्मा ने हार नहीं मानी और अपने सपने को पूरा करके ही दम लिया। कुछ ऐसी ही संघर्ष से भरी एक और कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। ये कहानी यूपी पीसीएस टॉपर सिद्धार्थ गुप्ता की है। लेकिन सिद्धार्थ की कहानी में थोड़ा ट्विस्ट ये है। कि सिद्धार्थ गुप्ता कभी मनोज शर्मा की तरह फेल तो नहीं हुए। लेकिन सिद्धार्थ ने सातवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान एसडीएम को देखकर इतने प्रभावित हुए थे। कि उन्होंने उसी समय से एसडीएम बनने का दृढ़ संकल्प कर लिया था। और सिद्धार्थ ने  उसे पूरा करके भी दिखाया।

एसडीएम को देखकर मिला हौंसला

हाल ही में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का परिणाम घोषित हुआ। जहां 251 अभ्यर्थियों में देवबंद के रहने वाले सिद्धार्थ गुप्ता ने टॉप करके इतिहास रच दिया। उन्होंने परीक्षा पास करके तहसीलदार की पोस्ट हासिल की।। इस बीच सिद्धार्थ ने अपने संघर्ष को याद करते हुए बताया कि एक बार जब वो सातवीं कक्षा में थे। तो उन्होंने एक दिन एसडीएम को आते हुए देखा। हर कोई सर कहकर उन्हे पुकार रहा था। उनकी सुरक्षा और रुतबा देखने लायक था। मैं उन्हे देखकर इतना प्रभावित हुआ कि मुझसे रहा नहीं गया। और मैने तभी से ठान लिया कि बड़े होकर एक दिन इन्ही की तरह  अफसर बनूंगा। जो मैने करके भी दिखा दिया। आपको बता दें कि सहारनपुर के रहने वाले सिद्धार्थ गुप्ता ने 12 वीं साइंस स्ट्रीम से पास की। साल 2018 में स्नातक पास करने के बाद यूपीपीसीएस की तैयारी करनी शुरू कर दी थी। इस दौरान वो दिल्ली भी गए। जहां उन्होंने दिल्ली के करोल बाग से आईएएस की कोचिंग भी की। मेरा सपना आज पूरा हो गया है। मै बहुत खुश हूं।

2022 में भी कर चुके है क्वालीफाई

वो कहते है ना कि जिनके हौंसले बुलंद होते है वो किसी भी  परिस्थितियों से लड़कर अपने सपने जरूर पूरे करते है। सिद्धार्थ उसी संघर्ष की एक मिसाल है। यह कोई पहली बार नहीं है जब सिद्धार्थ ने यूपीपीसीएस की परीक्षा पास की है। इससे पहले वो पिछले साल भी परीक्षा को पास करके बिजनौर में तहसीलदार का पद हासिल कर चुके है। आपको बता दें कि सिद्धार्थ के परिवार में इनके पिता राजेश गुप्ता की किराने की दुकान है। मां हाउसवाइफ है। और बहन दिल्ली में कार्डियोलॉजिस्ट है।

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