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GST के रिकॉर्ड कलेक्शन ने रचा इतिहास, टैक्स सुधार के लिए बना GST कानून दिखा रहा अपना दम

GST Record Collection: सरकार द्वारा जारी आकड़ो के अनुसार अप्रैल 2024 में जीएसटी कलेक्शन 2.10 लाख करोड़ रुपये का रहा है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश में चुनावी माहौल है। हर जगह चुनावी किस्से आदि सुनाये जा रहे हैं। वहीं राजनीतिक दलों में अपने मुद्दों को जनता के बीच में रखने की होड़ लगी हुई है। इसी बीच भाजपा की केंद्र सरकार के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आयी है। दरअसल भारत सरकार ने अप्रैल 2024 के लिए जीएसटी कलेक्शन के आकड़े जारी किए हैं। अगर जारी किए गए आकड़ो पर नजर डालें तो इसमें रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल 2024 से नया वित्त वर्ष शुरू हुआ है, अप्रैल 2024 ने जीएसटी कलेक्शन के मामले में अपनी छाप छोड़ दी है। यह जीएसटी शुरू होने के बाद पहली बार रिकॉर्ड स्तर पर पंहुचा है। सरकार द्वारा जारी आकड़ो के अनुसार अप्रैल 2024 में जीएसटी कलेक्शन 2.10 लाख करोड़ रुपये का रहा है।

पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये का यह आकड़ा अप्रैल 2024 में पार हुआ है

जब से जीएसटी लागू हुई है। उसके बाद से पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये का यह आकड़ा अप्रैल 2024 में पार हुआ है और इस महीने(अप्रैल 2024) में ग्रॉस रेवेन्यू में भी सालाना तौर पर 12.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं नेट रेवेन्यू 1.92 लाख करोड़ रुपये रहा। अगर अप्रैल 2024 जीएसटी कलेक्शन के आकड़े देखे जाए तो, इसमें सेंट्रल जीएसटी का 43,846 करोड़ रुपये का योगदान, स्टेट जीएसटी का 53,538 करोड़ रुपये का योगदान, आईजीएसटी का 99,623 करोड़ रुपये का योगदान और सेस का 13,260 करोड़ रुपये का योगदान शामिल है।

भारत सरकार ने जीएसटी को 01 जुलाई 2017 को लागू किया था

भारत सरकार ने जीएसटी को 01 जुलाई 2017 को लागू किया था। सरकार ने इसके जरिये टैक्स में बड़ा सुधार लाने की कोशिश की। जो कि हर साल जीएसटी कलेक्शन में बढ़ती वृद्धि को देखते हुए, साबित कर रहा है कि यह सरकार का सही और बहुत बड़ा फैसला था। जब भी किसी नए कानून को लागू किया जाता है तो जानकारी न होने के कारण, कई लोग आधी अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाने का कार्य करते हैं। लेकिन समय बीतने और परिणाम सामने आने के बाद खुद ही पता चलने लग जाता है कि यह देश और जनता के पक्ष में था।

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