Rajya Sabha Election 2024: राज्यसभा चुनाव में भाजपा का बड़ा दांव, इन चार राज्यों में शुरू हुआ शह-मात का खेल

Rajya Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले देश के सभी दलों को राज्यसभा चुनाव की अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ रहा है। ऐसे में इस चुनाव के लिए भाजपा ने ज्यादा उम्मीदवार उतारकर मुकाबला कठिन...
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव से पहले देश के सभी दलों को राज्यसभा चुनाव की अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ रहा है। इस राज्यसभा चुनाव में भाजपा के NDA और कांग्रेस के 'INDIA' में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने कई राज्यों में ज्यादा उम्मीदवार उतारकर विपक्ष के लिए मुकाबला कठिन बना दिया है। यूपी, कर्नाटक, हिमाचल और महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव के लिए सियासी दलों के बीच शह-मात का खेल चल रहा है।

नामांकन प्रक्रिया गुरुवार को हुई समाप्त

गौरतलब है कि देश के 15 राज्यों की 56 राज्यसभा सीटों पर 27 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया गुरुवार को समाप्त हो गई है। इस चुनाव में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित ज्यादातर सदस्यों का निर्विरोध चुना जाना पहले से तय माना जा रहा है। लेकिन इसमें कई ऐसे भी सदस्यों का नाम शामिल जिनका मुकाबला कठिन होने जा रहा है। इसको लेकर ये चुनाव और भी दिलचस्प हो गया है।

भाजपा ने इस बार राज्यसभा चुनाव में उतारे नए चेहरें

आपको बता दें भाजपा ने इस बार अपने सभी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। भाजपा द्वारा जारी सूची में नए चेहरों को मौका दिया गया है। भाजपा ने इस बार राज्यसभा चुनाव में 28 में से 24 नए चेहरे मैदान में उतार दिए है। भाजपा ने जिन चार सांसदों को दोबारा मैदान में उतारा है उनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी का नाम शामिल है। राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने नए चेहरों के साथ जा कर यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार वह बड़े नामों को लोकसभा चुनाव के मैदान में उतारने जा रहीं है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, नारायण राणे, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, पीयूष गोयल जैसे वरिष्ठ नेता अब आपको लोकसभा चुनाव में ताल ठोकते नजार आ सकते है।

15 राज्यों की 56 सीटों पर 27 फरवरी को होगा चुनाव

आपको बता दें राज्यसभा चुनाव के लिए 15 राज्यों की 56 सीटों पर 27 फरवरी को चुनाव चुनाव होने जा रहा है। इस चुनाव में यूपी की दस सीटों के अलावा महाराष्ट्र-बिहार की 6-6, मध्य प्रदेश-पश्चिम बंगाल की 5-5 सीटें हैं। कर्नाटक-गुजरात में 4-4 सीटें हैं। जबकी ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और राजस्थान में 3-3 सीटों पर चुनाव हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ की भी 1-1 सीट पर चुनाव है। इन सभी सीटों पर सभी दलों ने अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है। नामांकन प्रक्रिया बीते गुरुवार शाम को ही खत्म हो गई थी। उम्मीदवारों को 20 फरवरी तक नामांकन पत्र वापस लेने की मोहलत दि गई है।

भाजपा ने मुकाबले को बनाया रोमंचक

भाजपा ने इस मुकाबले को थोड़ा रोमंचक बना दिया है। यूपी, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने अपनी जीत की संभावना के अतिरिक्त एक-एक उम्मीदवार ज्यादा उतारा है। जिसके बाद इन राज्यों में मुकाबला रोचक हो गया है। इसके साथ महाराष्ट्र में एक निर्दलीय प्रत्याशी के मैदान में उतरने से चुनाव दिलचस्प हो गया है। चुकी उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर 11 उम्मीदवार मैदान में है। ऐसे में यह मुकाबला सपा और भाजपा के बीच शह और मात का खेल बन चुका है। सूबे में मौजूदा विधायकों के आधार पर देखा जाए तो बीजेपी के सात और सपा के दो उम्मीदवार यह चुनाव जीत सकते है। इस तरह से 10वीं सीट के लिए बीजेपी और सपा के बीच शह-मात का खेल होना तय है।

कर्नाटक में बीजेपी-कांग्रेस में फाइट

इसके साथ कर्नाटक की चार राज्यसभा सीटों पर पांच उम्मीदवार मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां कांग्रेस ने तीन राज्यसभा प्रत्याशी उतारे हैं, जिनमें अजय माकन, सैयद नासिर हुसैन और जीसी चंद्रशेखर का नाम शामिल है। वहीं, भाजपा और जेडीएस गठबंधन ने नारायणा कृष्णासा भांडगे और कुपेंद्र रेड्डी को अपना प्रत्याशी बनाया है। कर्नाटक में एक राज्यसभा सीट के लिए 45 विधायकों का वोट चाहिए। सूबे की 224 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 135, बीजेपी के 66, जेडीएस के 19 और चार अन्य विधायक हैं। इस लिहाज से कांग्रेस की तीन राज्यसभा सीटों के लिए पर्याप्त नंबर हैं, लेकिन क्रॉस वोटिंग का डर बना हुआ है। बीजेपी को अपनी दूसरी सीट जिताने के लिए जेडीएस विधायकों का समर्थन जुटाने के बाद भी 5 विधायकों के अतिरिक्त वोट चाहिए होंगे। जिसको देखते हुए लग रहा है कि यहां खेला संभव है।

हिमाचल में बीजेपी-कांग्रेस में लड़ाई

हिमाचल प्रदेश में भी राज्यसभा की एकमात्र सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच मुकाबला है। कांग्रेस की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी मैदान में हैं, तो बीजेपी ने पूर्व मंत्री हर्ष महाजन को उतार रखा है। बीजेपी ने सिंघवी के निर्विरोध राज्यसभा में निर्वाचित होने की कांग्रेस की आशा को धूमिल कर दिया। इसके चलते अब सिंघवी और महाजन के बीच सीधी फाइट होगी। कांग्रेस के पास राज्यसभा सीट जीतने के लिए पर्याप्त विधायक हैं, लेकिन क्रॉस वोटिंग होती है तो फिर सिंघवी की टेंशन बढ़ सकती है।

निर्दलीय बढ़ा रहे टेंशन

महाराष्ट्र की छह राज्यसभा सीटों पर कुल सात प्रत्याशी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। बीजेपी की तरफ से अशोक चव्हाण, मेधा कुलकर्णी और डॉ. अजित गोपछडे मैदान में है। एकनाथ शिंदे की शिवसेना की ओर से मिलिंद देवडा और अजित पवार गुट एनसीपी की तरफ से प्रफुल्ल पटेल राज्यसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व मंत्री चंद्रकांत हंडोरे ने राज्यसभा के लिए किस्मत आजमा रहे हैं। विश्वास जगताप ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल करके मुकाबले को रोचक बना दिया है, लेकिन उनके नामांकन में अगर 10 विधायकों के समर्थन के हस्ताक्षर नहीं होंगे तो नामांकन रद्द हो सकता है।

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