Loksabha Election: पीएम मोदी ने इलेक्टोरल बांड का मकसद बताया, विपक्ष पर लगाया झूठ फैलाने का आरोप

Loksabha Election: विपक्ष चुनावी बांड का जिक्र करके मोदी सरकार को आये दिन इस मुद्दे पर घेरती रहती है। इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक न्यूज़ एजेंसी के सामने खुलकर अपनी राय रखी है।
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नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इलेक्टोरल बांड को सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार देते हुए 15 फरवरी 2024 को रद्द कर दिया था। जिसके बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार को चुनावी बांड(इलेक्टोरल बांड) को लेकर घेरना शुरू कर दिया था। यहां तक कि विपक्ष के लिए यह लोकसभा चुनाव 2024 का मुद्दा बन गया है।

चुनावी बांड का लक्ष्य काले धन पर रोक लगाना था: पीएम

विपक्ष चुनावी बांड का जिक्र करके मोदी सरकार को आये दिन इस मुद्दे पर घेरती रहती है। इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक न्यूज़ एजेंसी के सामने खुलकर अपनी राय रखी है। पीएम मोदी ने कहा कि चुनावी बांड का लक्ष्य काले धन पर रोक लगाना था। मोदी ने कहा कि अगर इस योजना पर ईमानदारी से विचार किया जाएगा तो हर किसी को इस पर पछतावा होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने इंटरव्यू के माध्यम से कहा कि विपक्ष ने चुनावी बांड के मामले में झूठ फैलाने का काम किया है। पीएम ने कहा कि हमने कभी नहीं कहा है कि किसी फैसले में कमियां नहीं हो सकती। पीएम ने कहा कि वे काले धन पर लगाम लगाने की सोच रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि हम तो एक छोटा सा रास्ता ढूंढ रहे थे, हमने कभी नहीं कहा की कि यह रास्ता बिलकुल सही है।

पहले हम बिजनेसमैन लोगों से चेक के माध्यम से चंदा लेने पर विचार कर रहे थे

पीएम मोदी ने कहा कि देश में काफी लंबे समय से चर्चा होती रही है की काले धन का प्रयोग चुनाव में गलत तरीके से किया जाता है। पीएम ने कहा कि चुनावो में काले धन के प्रयोग पर रोक लगाने के उदेश्य से ही हम चुनावी बांड लेकर आये। पहले हम बिजनेसमैन लोगों से चेक के माध्यम से चंदा लेने पर विचार कर रहे थे। लेकिन बिजनेसमैन लोगों ने कहा कि इससे सरकार को पता चल जायेगा कि उन्होंने किस राजनीतिक पार्टी को चंदा दिया है। ऐसे में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

उनके पास चंदा देने की हिम्मत नहीं होती थी

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें याद है कि नब्बे के दशक में उनकी पार्टी भाजपा को चंदा के पैसों को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि उस समय नियम ही कुछ इस तरह था कि जो हमारी पार्टी को चंदा देना चाहते थे, उनके पास चंदा देने की हिम्मत नहीं होती थी। पीएम ने कहा कि यह चुनावी बांड की ही सफलता है कि जिससे पता चल पाया है की चंदा का पैसा कैसे और कब किसके पास आया और कहां गया।

मोदी ने कहा की चुनावी बांड में अधिकतर चंदा तो विपक्ष के पास गया है

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें याद है कि नब्बे के दशक में उनकी पार्टी भाजपा को चंदा के पैसों को लेकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि उस समय नियम ही कुछ इस तरह था कि जो हमारी पार्टी को चंदा देना चाहते थे, उनके पास चंदा देने की हिम्मत नहीं होती थी। पीएम ने कहा कि यह चुनावी बांड की ही सफलता है कि जिससे पता चल पाया है की चंदा का पैसा कैसे और कब किसके पास आया और कहां गया। मोदी ने कहा की चुनावी बांड में अधिकतर चंदा तो विपक्ष के पास गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के आरोप झूठे हैं। मोदी ने कहा कि अगर इस योजना पर ईमानदारी से विचार किया जाएगा तो हर किसी को इस पर पछतावा होगा।

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