Patanjali Misleading AD: SC ने उत्तराखंड सरकार को लगाई लताड़, रामदेव के वकीलों को भी सुनाई खरी-खरी

पतंजलि आयुर्वेद के भ्रामक विज्ञापन मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। रामदेव को अगली सुनवाई में पेशी से मिली छूट।
Supreme Court
Baba Ramdev 
Patanjali Misleading Ad
Supreme Court Baba Ramdev Patanjali Misleading AdRaftaar.in

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण करीब एक महीने से सुप्रीम कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। पतंजलि आयुर्वेद के भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर IMA की याचिका पर आज फिर सुनवाई हुई। इस दौरान योग गुरु रामदेव और पतंजलि के मैनेजिंग डायरेक्टर आचार्य बालकृष्ण कोर्ट में मौजूद रहे। शीर्ष अदालत ने माफीनामे वाले अखबार का पूरा पेज की हार्ड कॉपी रिकॉर्ड पर ना रखने को लेकर नाराजगी जताई। कोर्ट ने रिकॉर्ड पूरा करने का मौका दिया है। साथ ही जब उत्तराखंड सरकार ने वकील ने कहा कि सरकार ने पतंजलि आयुर्वेद के 14 प्रोडक्ट्स के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं, तब कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार की भी क्लास लगाई कि वो अब तक क्या कर रहे थे।

क्या हुआ था पिछली सुनवाई में

इससे पहले 23 अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद द्वारा अखबार में दिए गए सार्वजनिक माफीनामे को खारिज कर दिया था। और पूछा था कि क्या माफीनामा उसी साइज़ में छापा गया, जिस साइज़ में विज्ञापन छपा था। सोमवार (29 अप्रैल) को पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड और दिव्य फार्मेसी के 14 प्रोडक्ट्स के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस को उत्तराखंड स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी ने रद्द कर दिया था।

कोर्ट ने उठाए ई-फाइलिंग पर सवाल

रामदेव के वकील मुकुल रोहतगी ने बेंच से कहा कि हमनें जो माफीनामा पेपर में दिया था उसे रजिस्ट्री में हमने जमा कर दिया था। मुकुल ने उस माफीनामे अदालत में दिखाया, जो पेपर में छपा था। जिसपर बेंच ने पूछा कि आपने ओरिजनल रिकॉर्ड क्यों नही दिए? आपने ई-फाइलिंग क्यों की?

एक बार फिर सामने आई वकील साहब की अज्ञानता

बेंच ने कहा कि आप खुद को ज्यादा स्मार्ट समझ रहे हैं। आपने ऐसा जानबूझकर किया है। जस्टिस अमानतुल्लाह ने कहा कि मिस्टर बलबीर ने स्पष्टीकरण मांगा था। फिर कहा था कि ओरिजिनल दस्तावेज फाइल किया जाएगा। पूरा न्यूज पेपर फाइल किया जाना था। जिसके जवाब में वकील बलबीर सिंह ने कहा कि हो सकता है, मेरी अज्ञानता की वजह से ऐसा हुआ हो।

बेंच ने की प्रशंसा

बेंच ने कहा कि पिछली बार जो माफीनामा छापा गया था वो छोटा था और उसमें केवल पतंजलि लिखा था। लेकिन दूसरा बड़ा है, उसके लिए हम प्रशंसा करते हैं कि उनको बात समझ में आई। साथ ही बेंच ने कहा कि आप केवल न्यूज पेपर और उस दिन की तारीख का माफीनामा जमा करें।

अगली सुनवाई से रामदेव को मिली छूट

अगली सुनवाई में रामदेव और बालकृष्ण के पेशी से छूट मांगी। अदालत ने उनकी बात मान ली और कहा कि केवल अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव और बालकृष्ण को अगली सुनवाई के दौरान पेशी से छूट दी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया केवल अगली सुनवाई के लिए पेशी से छूट दी गयी है।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Related Stories

No stories found.