नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। संसद के विशेष सत्र का आज चौथा दिन है। आज सरकार राज्यसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ बिल पेश कर चुकी है। इससे पहले सरकार ने महिला आरक्षण बिल को लोकसभा में पेश किया था। जहां से यह बिल पारित भी कर दिया गया है। विशेष सत्र से तीसरे दिन लंबी बहस के बाद लोकसभा में विधेयक के सपोर्ट में कुल 454 वोट पड़े जबकि इसके विरोध में 2 वोट पड़े थे। अब आज इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। जब ये बिल कानून बन जाएगा तब महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण हो जाएगा।
लोकसभा में विधेयक 454 वोटों के साथ हुआ पास
आपको बता दें लोकसभा में 8 घंटे तक चली लंबी बहस के बाद नारी शक्ति वंदन विधेयक बिल पास हुआ। इस बिल के बहस में 27 महिला सदस्यों ने हिस्सा लिया था। बिल के तहत संसद के निचले सदन और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। लोकसभा में विधेयक 454 वोटों के साथ पास हुआ। जबकि AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी और इम्तियाज जलील ने महिला आरक्षण बिल के विरोध में वोट किया था। हलांकि बिल पास होते ही पक्ष विपक्ष के बीच अब क्रेडिट वार शुरू हो गया है। बीजेपी इस बिल को पास करने के बाद अपनी पीठ थपथपा रही है, तो कांग्रेस ने इसे अपना बिल करार दिया था।
विपक्ष ने इस बिल को लेकर उठाए कई सवाल
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में 8 घंटे तक चली लंबी बहस के दौरान विपक्ष ने इस बिल को लेकर कई सवाल उठाए है। बिल पास होने पर कुछ लोगों ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया तो कुछ एक लोगों ने इसे भाजपा का चुनावी जुमला तक करार दिया। कुछ ने कहा इस बिल में ओबीसी आरक्षण की बात लाकर इसे नया राजनीतिक शिगूफा करार दिया है।
विपक्ष के प्रमुख सवाल?
OBC महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं?
मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं?
2024 से महिला आरक्षण लागू क्यों नहीं?
2029 तक आरक्षण के दरवाजे बंद क्यों?
आरक्षण के लिए परिसीमन का इंतजार क्यों?
बिल लाने के लिए 9 साल तक इंतजार क्यों?
राज्यसभा का समीकरण
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ बिल लोकसभा में पारित होने के बाद अब आज राज्यसभा में पेश होगा। लोकसभा में विधेयक के सपोर्ट में कुल 454 वोट पड़े जबकि इसके विरोध में 2 वोट पड़े थे। लेकिन राज्यसभा में इस बिल की राह इतनी आसान नही होने वाली है। राज्यसभा में कुल सांसद 240 हैं जिनमें 5 सीट अभी खाली है। बिल पास करवाने के लिए 160 सांसदों की जरूरत होगी। अभी राज्यसभा में NDA के 114 और INDIA गठबंधन के 98 सांसद हैं जबकि अन्य सांसदों की संख्या 28 है। ऐसे में राज्यसभा में बिल पास होने के लिए NDA को अन्य संसदो की आवश्यकता है।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें :- www.raftaar.in




