Mission 2024: पश्चिम बंगाल में 2 सीटों के ऑफर पर अधीर का ममता पर वार, कहा- 'उनसे कौन भीख मांगने गया...'

Lok Sabha Election 2024: पश्चिम बंगाल में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच तकरार और बढ़ती नजार आ रही है। अधीर रंजन ने कहा- कांग्रेस को ममता की दया की कोई जरूरत नहीं है।
Mamata Banerjee, Adhir Ranjan
Mamata Banerjee, Adhir RanjanRaftaar

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को मात देने के लिए बने इंडिया गठबंधन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं है। अब पश्चिम बंगाल में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच तकरार और बढ़ती नजार आ रही है। कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी ने टीएमसी की ओर से दो सीटें ऑफर करने पर नाराजगी जताते हुए टीएमसी पर जमकर निशाना साधा है।

हम अपने दम पर चुनाव लड़ सकते हैं- अधीर रंजन

इंडिया ब्लॉक में सीट शेयरिंग को लेकर विवाद की कई खबरें निकलकर समने आ रहीं है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने सीधे टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को निशाने पर लिया है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "उनसे कौन भीख मांगने गया है, हमें पता नहीं क्या हमारे पास दो सीटें हैं? ममता जी से कौन सीटें मांग रहा है। हम अपने दम पर चुनाव लड़ सकते हैं। ममता जी नरेंद्र मोदी जी के सेवा में लगी हुई हैं। कांग्रेस को ममता की दया की कोई जरूरत नहीं है, हम अपने दम पर चुनाव लड़ सकते हैं।"

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को सिर्फ दो सीटों पर चुनाव लड़ाने की कोशिश

दरअसल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल में अलायंस में सहयोगी कांग्रेस को सिर्फ दो लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ाने की कोशिश कर रहीं है। मीडिया रिपोर्ट के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार टीएमसी 2019 के चुनाव में पश्चिम बंगाल की 43 प्रतिशत वोट हासिल करने वाली सबसे बड़ी पार्टी है। 2019 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कुल 22 सीटों पर जीत मिली थी। ऐसे में टीएमसी चाहती है कि बंगाल में वो प्रमुख पार्टी रहें और उसे सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला उसका हो। सीट बंटवारे की संख्या एक स्पष्ट फॉर्मूले पर आधारित हो। जिसमें संसदीय चुनाव और राज्य विधानसभा चुनाव का आकलन शामिल किया जाए।

पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली थी दो सीटें

टीएमसी चाहती है कि बंगाल में पिछले चुनाव के नतीजे के आधार पर सीट फॉर्मूला बने। ऐसे में देखा जाए तो पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सभी 42 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था। लेकिन उसको सिर्फ 5.67 प्रतिशत वोट मिले जिसमें दो सीटें मालदा दक्षिण और बरहामपुर की जीत शामिल थी। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस से ज्यादा सीपीआई (एम) को 6.33 प्रतिशत वोट मिले थे।

ममता ने दिए थे बंगाल में अकेले लड़ने के संकेत

वहीं अगर अधीर रंजन के इस बयान को देखा जाए तो कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी ममता बनर्जी की ओर से दिए गए संकेत के कारण आई है। जिसमें उन्होंने कहा था कि इंडिया ब्लॉक का गठन केवल राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मुकाबला करने के लिए किया गया है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी ही बीजेपी से लड़ेगी, जबकि इंडिया ब्लॉक देश के बाकी हिस्सों में होगा। केवल टीएमसी ही पश्चिम बंगाल में बीजेपी को मात दे सकती है और पूरे देश में दूसरों के लिए एक मॉडल स्थापित कर सकती है।''

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