नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज मंगलवार को मनीष सिसोदिया को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी और सीबीआई दोनों मामलों में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले आज ही निचली अदालत ने उनकी हिरासत को आगे बढ़ा दी थी। दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की सिंगल बेंच ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर यह फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट द्वारा दूसरी बार सिसोदिया की जमानत याचिका को खारिज किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट जाएंगे सिसोदिया
आपको बता दें कि सिसोदिया ने ट्रायल में देरी होने के आधार पर हाईकोर्ट से जमानत की मांग की थी। हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब वो सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर करेंगे। इससे पहले निचली अदालत भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है। आदेश पढ़ते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से ट्रायल कोर्ट के अधिकार पर अंतर नहीं पड़ता। उसे मेरिट के आधार पर ही फैसला लेना होता है। सिर्फ मुकदमे में देरी के आधार पर ज़मानत नहीं हो सकती है।
ईडी ने सिसोदिया से की करीब छह घंटे तक पूछताछ
गौरतलब है कि सीबीआई और ईडी ने अगस्त 2022 को सिसोदिया के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीबीआई ने उनको पिछले साल 26 फरवरी 2023 को अरेस्ट किया और दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया था। जहां से कोर्ट ने सिसोदिया को पांच दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा। कोर्ट ने चार मार्च को दो दिनों के लिए सिसोदिया की हिरासत बढ़ा दी थी। सात मार्च को ईडी ने सिसोदिया से करीब छह घंटे तक पूछताछ की थी।
हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अर्जी लगा चुके है सिसोदिया
ईडी ने 9 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। ईडी का यह एक्शन सीबीआई के एफआईआर के आधार पर लिया गया था। जिसके बाद 28 फरवरी को सिसोदिया ने दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। जमानत के लिए मनीष सिसोदिया हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अर्जी लगा चुके है। लेकिन, हर बार कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
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