नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। भारतीय जनता पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर जमीनी स्तार पर आपनी तैयारियां शुरू कर चुकी है। बीजेपी इस बार 2019 के लोकसभा चुनाव की तुलना में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेने की तैयारी कर रहीं है। भाजपा इस बार 2024 की लड़ाई में 450 से अधिक सीटों पर खुद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहीं है। वहीं दुसरी तरफ इंडिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस पार्टी भी इस बार करीब 300 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। हलांकि NDA के खिलाफ बने इंडिया गठबंधन में अभी भी सीटों को लेकर भारी रस्साकशी जारी है। तो वहीं संभव है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के पहले हफ्ते में भारतीय जनता पार्टी आपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दें।
2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन
गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 436 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें उसको 303 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। 2019 के चुनावी नतीजे में बीजेपी ने अकेले 303 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं अगर जीत में वोट शेयर की बात करें तो भाजपा को 37.7 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 22.9 करोड़ वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस ने 2019 में 421 सीटों पर चुनाव लड़ा था और लगभग 11.94 करोड़ वोट हासिल किए थे।
बीजेपी के कई बड़े घटक दलों ने किया किनारा
दरअसल इस बार बीजेपी के कई घटक दल उससे अलग हो गए है। जैसे इस बार बिहार में जेडीयू, महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना या तमिलनाडु में एआईएडीएमके या पंजाब में अकाली दल के साथ कोई भाजपा का गठबंधन नहीं है। यही कारण है कि भाजपा इस लोकसभा चुनाव में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। जैसा की आपको पता है भाजपा ने 2019 में बिहार में जेडीयू के साथ चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में भाजपा ने बिहार में 40 में से केवल 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था। ऐसे ही महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ 48 में से 25 सीटों पर और तमिलनाडु में एआईएडीएमके के साथ 39 में से पांच सीटों पर चुनाव लड़ा था। यहीं हाल पंजाब में भी था जहां बीजेपी ने 13 में से सिर्फ तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस बार बीजेपी इन राज्यों में बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है।
NDA में कुल 39 दल शामिल
हालांकि अभी भी NDA में कुल 39 दल शामिल हैं। लेकिन उनमें से बहुत कम दल ऐसे है जिनको लोकसभा में चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। वैसे अभी तक NDA ने सीटों के बंटवारे के लिए औपचारिक बातचीत शुरू नहीं की है। ऐसे माना जा रहा है कि NDA में सहयोगी दलों की ओर से सीटों की सबसे ज्यादा मांग महाराष्ट्र और बिहार में होने की संभावना है। लेकिन यहां भी भाजपा अकेले 30 से 35 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। सहयोगी दलों को शेष सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। भाजपा का मानना है कि पीएम मोदी की लोकप्रियता और जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिष्ठा और विकास कार्ड जैसे बड़े बदलाव को देखते हुए, पार्टी 2019 की 303 सीटों की अपनी संख्या को आसानी से पार कर सकती है।
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