नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। नेताओं की गर्मजोशी के साथ स्वागत और फिर सम्मेलन में सभी का साथ सभी का विश्वास वाले मंत्र से सत्र का शुभारंभ किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को औपचारिक रूप से अफ्रीकी संघ को 20 देशों के समूह (जी20) के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किए जाने की घोषणा की। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पीएम ने गले लगा कर अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष का स्वागत कर उन्हें स्थान दिया। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में आधिकारिक तौर पर शामिल होने के लिए अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष और कोमोरोस के राष्ट्रपति अज़ाली असौमानी का स्वागत किया। बता दें कि जी-20 शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ के शामिल होने के बाद से ही यह चर्चा चल रही है कि क्या अब इसका नाम बदल दिया जाएगा। यह भी आपको बता दें कि इस शिखर सम्मेलन का नाम बदलने की कोशिश होती तो नए नाम जिसकी चर्चा है वह है ‘जी-21’ शिखर सम्मेलन।
प्रस्ताव पर सभी की सहमति
भारत मंडपम में जी20 शिखर सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि सबका साथ की भावना से ही भारत ने प्रस्ताव रखा था कि अफ्रीकन यूनियन को जी20 की स्थायी सदस्यता दी जाए। मेरा विश्वास है कि इस प्रस्ताव पर हम सबकी सहमति है। आप सबकी सहमति से मैं अफ्रीकन यूनियन के अध्यक्ष को जी20 के स्थायी सदस्य के रूप में अपना स्थान ग्रहण करने के लिए आमंत्रित करता हूं। उल्लेखनीय है कि अफ़्रीकी संघ के शामिल होने के बाद जी20 सभा का नाम बदलकर जी21 किये जाने की उम्मीद है।
मोरक्को की दुखद घटना का किया जिक्र
बता दें कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में मोरक्को में आए भीषण भूकंप का जिक्र किया। मोरक्को में आए भीषण हादसे में करीब 300 लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ ही वहां पर मरने वालों की संख्या भी बढ़ सकती है। पीएम ने कहा कि कुछ देर पहले मोरक्को में आए भूकंप से प्रभावित लोगों के प्रति में अपनी संवेदना प्रकट करना चाहता हूं। पीएम ने सभी घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा विश्व समुदाय मोरक्को के साथ है, हम उन्हें हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए तैयार हैं।
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