नई दिल्ली/ रफ्तार डेस्क । मुझे आज खुशी है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री एक महिला हैं और मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि वह अपने पूर्ववर्ती सीएम केजरीवाल से हजार गुना बेहतर हैं। ये कहना है दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना । जी हां! दरअसल, शुक्रवार को इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में एलजी सक्सेना और मुख्यमंत्री आतिशी दोनों पहुंचे थे। इस दौरान एलजी सक्सेना ने मुख्यमंत्री आतिशी की जमकर तारीफ की। हालांकि एलजी और आप सरकार के बीच के संबंध को देखते हुए आतिशी की प्रशंसा करना किसी हैरानी से कम नहीं है।
उपराज्यपाल सक्सेना ने यह टिप्पणी करते समय आतिशी पर नजर भी डाली। अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने छात्राओं से कहा, जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, आपके पास चार जिम्मेदारियां होती हैं। पहली आपकी खुद के प्रति जिम्मेदारी है, दूसरी आपके माता-पिता और परिवार के प्रति आपकी जिम्मेदारी है जबकि तीसरी जिम्मेदारी समाज और राष्ट्र निर्माण के प्रति है। उन्होंने कहा कि चौथी जिम्मेदारी खुद को ऐसी महिला के रूप में साबित करना है, जिसने लिंग के बंधन को तोड़ दिया है। एक ऐसी महिला जो सभी क्षेत्रों में दूसरों के बराबर खड़ी हो गई है।
महिलाएं रूढ़िवादिता को तोड़ रही हैं- आतिशी
इस दौरान मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वूमेन के 7वें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाशाली युवा महिला इंजीनियरों के स्नातक बैच को विदाई दी। शिक्षा भारत के विकास की कुंजी है और ये महिलाएं रूढ़िवादिता को तोड़ रही हैं। यह साबित कर रही हैं कि वे जो हासिल कर सकती हैं उसकी कोई सीमा नहीं है। वे नौकरी प्रदान करने वाली बन सकती हैं जो भारत की अर्थव्यवस्था को आगे ले जाएंगे! सभी स्नातकों को शुभकामनाएं, क्योंकि वे महिला इंजीनियरों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करते हुए नवाचार और नेतृत्व की यात्रा पर निकल पड़े हैं।
केजरीवाल और एलजी के बीच अक्सर होते रहते हैं विवाद
गौरतलब है कि दिल्ली के उपराज्यपाल और आप सरकार के बीच अक्सर विवाद सामने आते रहते हैं। ऐसे में उपराज्यपाल द्वारा आतिशी की प्रशंसा करना किसी हैरानी से कम नहीं है। केजरीवाल द्वारा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद आप सरकार और उपराज्यपाल कई मुद्दों पर एक-दूसरे केआमने-सामने हैं। केजरीवाल ने कहा था कि वह अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर जनता से ईमानदारी का प्रमाण पत्र मांगेंगे। अगर जनता उन्हें ईमानदार घोषित करेगी तभी वह दोबारा मुख्यमंत्री के पद पर बैठेंगे। केजरीवाल ने विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के तौर पर आतिशी का नाम प्रस्तावित किया था, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया था।





