नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार खराब होता जा रहा है और यह पूरे शहर में प्रदूषण को खतरनाक स्तर पर ले आ रहा है। यह प्रदूषण सभी के लिए हानिकारक है लेकिन खासकर कुछ बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है। फिलहाल दिल्ली में सुबह 6 बजे तक अधिकतर जगहों में AQI 400 के करीब दर्ज किया गया है।
कौन सी बीमारियों के लिए प्रदूषण ज्यादा खतरनाक है?
दिल्ली के प्रदूषण से सात खास बीमारियों वाले मरीजों को खतरा अधिक है। ये बीमारियां हैं:
- दमा
- कैंसर
- निमोनिया
- हृदय रोग
- किडनी और लीवर के रोग
- क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD)
- असमर्थ प्रतिरक्षा प्रणाली वाले मरीज
प्रदूषण से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ता है
दिल्ली के प्रदूषण में बीमारियों का शिकार लोग अधिक संवेदनशील होते हैं। डॉक्टर अंकित भाटिया के अनुसार, दमा, हृदय रोग, COPD, कैंसर, और लीवर जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर हो जाती है। ऐसे लोग प्रदूषण के संपर्क में आने पर जल्दी संक्रमण का शिकार हो सकते हैं, और अगर उन्होंने बिना मास्क के बाहर जाने की लापरवाही की तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है। इस प्रदूषण से बचने के लिए इन लोगों को ज्यादा एहतियात बरतनी चाहिए।
बच्चों का खास ख्याल रखें
बच्चे भी प्रदूषण के प्रभाव से बचने के लिए बेहद संवेदनशील होते हैं। खासकर 13 साल तक के बच्चे जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है उन्हें प्रदूषण से ज्यादा खतरा होता है। प्रदूषण के कारण बच्चों को दमा, COPD, और फेफड़े का कैंसर जैसे रोग हो सकते हैं। डॉक्टर की सलाह है कि माता-पिता अपने बच्चों को प्रदूषण से बचने के लिए बाहर कम निकालें। अगर बाहर जाना पड़े, तो उन्हें मास्क पहनाकर ही बाहर भेजें। बच्चे प्रदूषण के कणों को बाहर नहीं निकाल पाते हैं, इसलिए यह उनके लिए और भी खतरनाक हो सकता है।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से सभी को बचने की कोशिश करनी चाहिए, खासकर उन लोगों को जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है और बच्चों को विशेष ध्यान देना चाहिए।





