नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजधानी में घर खरीदने का सपना अब थोड़ा और सस्ता होने जा रहा है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बड़ा फैसला लेते हुए अपनी हाउसिंग स्कीम्स के तहत फ्लैट की कुल कीमत में अलग से पार्किंग चार्ज न जोड़ने का निर्णय लिया है। इस बदलाव से फ्लैट खरीदारों को 5 लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक की सीधी राहत मिल सकती है।
खरीदार से अलग से चार्ज नहीं लिया जाएगा।
इसे प्रोजेक्ट की कुल लागत में शामिल कर दिया गया है।
अब दिल्ली विकास प्राधिकरण से फ्लैट खरीदते समय कवर्ड या अनकवर्ड पार्किंग स्पेस के लिए अलग से भुगतान नहीं करना होगा। पहले पार्किंग का खर्च फ्लैट की बेस कीमत से अलग जोड़ा जाता था, लेकिन अब इसे प्रोजेक्ट की कुल लागत में शामिल कर दिया गया है। यानी पार्किंग का खर्च प्लिंथ एरिया रेट (PAR) में समाहित रहेगा और खरीदार से अलग से चार्ज नहीं लिया जाएगा।
किन स्कीमों में मिलेगा फायदा?
यह राहत दिल्ली विकास प्राधिकरण की मौजूदा चार हाउसिंग स्कीम्स पर लागू होगी।
दिल्ली विकास प्राधिकरण कर्मयोगी आवास योजना 2025 (FCFS)
दिल्ली विकास प्राधिकरण टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2025 (ई-ऑक्शन)
दिल्ली विकास प्राधिकरण नागरिक आवास योजना 2026 (FCFS)
दिल्ली विकास प्राधिकरण टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा हाउसिंग स्कीम 2026 (FCFS)
इस फैसले का फायदा MIG और HIG कैटेगरी को
इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा MIG और HIG कैटेगरी के खरीदारों को होगा, जहां पार्किंग स्पेस का आकार बड़ा होता है और पहले इसकी लागत अलग से वसूली जाती थी।
कितनी कम होगी कीमत?
DDA(दिल्ली विकास प्राधिकरण) अधिकारियों के मुताबिक, कीमत में कटौती फ्लैट की कैटेगरी और पार्किंग स्पेस के साइज पर निर्भर करेगी। उदाहरण के तौर पर, कर्मयोगी आवास योजना के तहत 11 वर्गमीटर पार्किंग स्पेस वाले HIG फ्लैट्स की कीमत में करीब 10 लाख रुपये की कमी आ सकती है। वहीं MIG फ्लैट्स के दाम लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक घट सकते हैं। टावरिंग हाइट्स कड़कड़डूमा स्कीम में यह राहत और ज्यादा हो सकती है।
पहले से भुगतान करने वालों को क्या मिलेगा?
जिन खरीदारों ने इन स्कीम्स के तहत पार्किंग चार्ज पहले ही जमा कर दिया है, उन्हें राशि वापस की जाएगी या अगली किस्त में समायोजित की जाएगी।
घर खरीदने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत
DDA का यह फैसला दिल्ली में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इससे न सिर्फ कुल लागत घटेगी, बल्कि खरीदारों का भरोसा भी मजबूत होगा





